{"_id":"47d8638f885a736e9010c8728851488b","slug":"aadibadri-dham-portal-closed-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आदिबदरी धाम के कपाट बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आदिबदरी धाम के कपाट बंद
ब्यूरो/अमर उजाला, आदिबदरी।
Updated Wed, 16 Dec 2015 09:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौष माह की संक्रांति के अवसर पर बुधवार शाम सात बजे भगवान आदिबदरी नाथ जी के कपाट श्रद्धालुओं के जयकारे के साथ विधि-विधान से एक माह के लिए बंद हो गए। इस दौरान आदिबदरी धाम वेद और ऋचाओं से गूंजता रहा। सैकड़ों श्रद्धालु इस मौके पर मौजूद रहे।
विज्ञापन
मंदिर समिति के अध्यक्ष विजयेश नवानी ने बताया कि एक माह बाद माघ की संक्रांति को मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस अवसर पर मंदिर में महाभिषेक और सात दिवसीय पाठ का आयोजन होगा।
विज्ञापन
बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त में पुजारी चक्रधर थपलियाल ने आदिबदरीनाथ को पंच सिंधु जल के साथ स्नान कराया। इसके बाद उनका श्रृंगार कर पंच ज्वाला आरती उतारकर भोग लगाया गया।
विज्ञापन
आचार्य समूह की ओर से सूर्य पूजा की गई। आदिबदरी नाथ के दर्शनों के लिए श्रद्धालु डटे रहे। दिन भर शंख ध्वनि के साथ स्कूली और महिला मंगल दलों ने भजन कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
संध्याकाल में श्रद्धालुओं ने कड़ाह भोज (हलवा) तैयार किया और मंदिर के पुजारी चक्रधर थपलियाल ने आदिबदरी नाथ की आरती उतारकर उन्हें सामूहिक भोग लगाया। शाम सात बजे पुजारियों ने श्री आदिबदरी नाथ का घी से महाभिषेक किया। इसके बाद मंदिर के कपाट एक माह के लिए बंद कर दिए गए।
आदिबदरी में पर्यटन की संभावनाएं: मैखुरी
धाम के कपाट बंद होने के समारोह में विधानसभा उपाध्यक्ष डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी ने शिरकत की। कार्यक्रम में डा. मैखुरी ने कहा कि आदिबदरी धाम को पर्यटन सर्किट में शामिल कर यहां बारहमासी पर्यटन को एक नया आयाम दिया जाएगा।
डा. मैखुरी ने उम्मीद जताई कि प्राचीन मंदिर समूह के कारण आदिबदरी धाम शीतकालीन पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा। मैखुरी ने आदिबदरी धाम में पूजा अर्चना भी की।
देवी के निशाण नृत्य पर झूमे लोग
कपाट बंद होने के दौरान जीआईसी आदिबदरी के छात्र-छात्राओं की ओर से प्रस्तुत देवी के निशाण नृत्य पर लोग भक्ति भाव से झूमे तो प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने देव पूजा कार्यक्रम प्रस्तुत किया। ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने गणपति स्तुति प्रस्तुत की।
वहीं खेती, भलसों, नगली, ढमकर, जुलगढ़ तथा सुगढ़ के महिला मंगल दल ने भजन प्रस्तुत किए। इस अवसर पर गैरसैंण की प्रमुख सुमति बिष्ट, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हरि सिंह रावत, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के उप कुलपति यूएस रावत, किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेंद्र सगोई और जयदीप शाह भी उपस्थित थे।