{"_id":"693e9ddec68c3c5f800b5ac9","slug":"a-team-of-geologists-is-inspecting-the-affected-areas-karnpryag-news-c-48-kpg1001-119949-2025-12-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण में जुटी भू-वैज्ञानिकों की टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण में जुटी भू-वैज्ञानिकों की टीम
Sun, 14 Dec 2025 04:52 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
Updated Sun, 14 Dec 2025 04:52 PM IST
विज्ञापन
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। चमोली और रुद्रप्रयाग जनपदों में भू-धंसाव और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों का भू-वैज्ञानिक की टीम निरीक्षण कर रही है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की ओर से भू-वैज्ञानिकों की टीम प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, भूमि की स्थिरता और संभावित जोखिमों के अध्ययन में जुटी है। टीम ने थराली, नंदानगर सहित कई प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर दिया है।
बीते बरसात में बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन और भू-धंसाव होने से कई मकान और कृषि भूमि बरबाद हो गई थी। भूस्खलन और भू-धंसाव के कारण लोगों को अपने मकान तक छोड़ने पड़े थे। ऐसे में प्रशासन की ओर से भूमि की स्थिति का पता लगाने और भविष्य में होने वाले खतरे का पता लगाने के लिए भू-वैज्ञानिक की टीम निरीक्षण करने पहुंची। भू-वैज्ञानिक डाॅ. कृष्णा सिंह सजवाण ने बताया कि चमोली और रुद्रप्रयाग जिले के कुछ क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा चुका है जबकि अन्य बचे हुए क्षेत्रों का अब निरीक्षण किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेजी जाएगी।
इंसेट
मुआवजा देने की मांग
भू-वैज्ञानिक की टीम ने तहसील जिलासू के सेमी ग्वाड़ का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम प्रधान काजल ने बताया कि बरसात में सेमी ग्वाड़ में कुछ लोगों की मकान, पैदल रास्ते और पेयजल स्रोत भू-धंसाव की चपेट में आ गए थे। टीम ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद मकान स्वामियों को घरों में न रहने के लिए कहा। काजल ने प्रशासन से जल्द क्षेत्र का ट्रीटमेंट और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। चमोली और रुद्रप्रयाग जनपदों में भू-धंसाव और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों का भू-वैज्ञानिक की टीम निरीक्षण कर रही है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की ओर से भू-वैज्ञानिकों की टीम प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, भूमि की स्थिरता और संभावित जोखिमों के अध्ययन में जुटी है। टीम ने थराली, नंदानगर सहित कई प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर दिया है।
बीते बरसात में बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन और भू-धंसाव होने से कई मकान और कृषि भूमि बरबाद हो गई थी। भूस्खलन और भू-धंसाव के कारण लोगों को अपने मकान तक छोड़ने पड़े थे। ऐसे में प्रशासन की ओर से भूमि की स्थिति का पता लगाने और भविष्य में होने वाले खतरे का पता लगाने के लिए भू-वैज्ञानिक की टीम निरीक्षण करने पहुंची। भू-वैज्ञानिक डाॅ. कृष्णा सिंह सजवाण ने बताया कि चमोली और रुद्रप्रयाग जिले के कुछ क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा चुका है जबकि अन्य बचे हुए क्षेत्रों का अब निरीक्षण किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
इंसेट
मुआवजा देने की मांग
भू-वैज्ञानिक की टीम ने तहसील जिलासू के सेमी ग्वाड़ का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम प्रधान काजल ने बताया कि बरसात में सेमी ग्वाड़ में कुछ लोगों की मकान, पैदल रास्ते और पेयजल स्रोत भू-धंसाव की चपेट में आ गए थे। टीम ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद मकान स्वामियों को घरों में न रहने के लिए कहा। काजल ने प्रशासन से जल्द क्षेत्र का ट्रीटमेंट और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की।
विज्ञापन