{"_id":"142-79699","slug":"Chamoli-79699-142","type":"story","status":"publish","title_hn":"रात भर जागरण कर माता से लिया आशीर्वाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रात भर जागरण कर माता से लिया आशीर्वाद
Chamoli
Updated Sun, 07 Dec 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोपेश्वर। पुत्र कामना लेकर माता अनसूया के धाम पहुंचे निसंतान दंपतियों ने रात भर जागरण कर माता से पुत्र रत्न का आशीर्वाद लिया। इस बार अनसूया मंदिर में 236 बरोहियों (निसंतान दंपति) पुत्र कामना लेकर पहुंचीं थी। मंदिर में पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने रात भर भजन-कीर्तन किए। मुख्य मंदिर में पहुंची बणद्वारा, सगर, देवलधार, खल्ला और कठूड़ गांवों की देव डोलियां भी अपनी बहिन अनसूया से विदा लेकर अपने-अपने स्थान के लिए लौट आईं। इसी के साथ दो दिवसीय माता अनसूया मेला भी संपन्न हो गया।
शनिवार को तड़के अनसूया मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना हुई। अपने-अपने गांवों की देव डोलियों की अगुवाई के लिए श्रद्धालु गोपेश्वर-मंडल मोटर मार्ग पर अनसूया गेट पर उमड़ पडे़। मेले के दौरान अक्षत नाट्य संस्था, गोपीनाथ कला मंच और स्थानीय कलाकारों ने भी कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए। दत्तात्रेय ट्रस्ट ने विशाल भंडारे का आयोजन किया। निसंतान दंपतियों के साथ ही धाम पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माता अनसूया के दर्शन कर परिवार की कुशलता की मनौतियां मांगीं। इस मौके पर अनसूया देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष कुंवर सिंह नेगी, मंदिर के पुजारी प्रदीप सेमवाल, समिति के सचिव हरेंद्र बिष्ट, बलराम तिवारी और पूर्व ब्लॉक प्रमुख भगत सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे।
हमारी शादी को सात साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक भी कोई संतान नहीं हैं। माता अनसूया के बारे में सुना, तो हम इस वर्ष पुत्र कामना लेकर यहां पहुंचे हैं। - ममता, पंजाब निवासी।
विज्ञापन
माता अनसूया पुत्र दायनी हैं। यही कामना लेकर यहां आई हूं। रातभर मां का स्मरण किया। यहां आकर मन को शांति मिली है। शादी हुए पांच साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक कोई संतान नहीं है। मां के पास पुत्र कामना लेकर पहुंचे हैं। - रितु, हरिद्वार निवासी।
माता अनसूया पुत्र दायिनी है। पहली बार यहां आई हूं। मां हमारी मनोकामना जरूर पूरी कर देगी। - शकुंतला देवी, रामनगर निवासी।
शादी को हुए ग्यारह साल हो गए हैं, लेकिन संतान नहीं हुई है। हमें यहां के बारे में किसी परिचित ने बताया तो माता के चरणों में पहुंच गए। - पूनम, देहरादून निवासी।
धाम में चलाया सफाई अभियान
गोपेश्वर। अनसूया धाम में कई श्रद्धालुओं ने सफाई अभियान भी चलाया। मंदिर परिसर के साथ ही मंदिर के इर्द-गिर्द मैदानी क्षेत्र में बिखरे कूड़े को श्रद्धालुओं ने इकट्ठा कर मौके पर ही उसका निस्तारण किया। नवीन चंद्र भट्ट, अनिल और मनीष पुरोहित का कहना है कि अनसूया मंदिर में पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु कूड़ा-करकट यहीं छोड़ कर चले जाते हैं। बरसात में यह कूड़ा निचले क्षेत्रों में खेतों और गदेरों में अटक जाता है।
दत्तात्रेय और अत्रिमुनि आश्रम में मत्था टेका
गोपेश्वर। श्रद्धालुओं ने अनसूया मंदिर के समीप स्थित अत्रिमुनि आश्रम और दत्तात्रेय मंदिर में भी मत्था टेका। निर्जन वन में स्थित अत्रिमुनि आश्रम में श्रद्धालुओं ने चढ़ावा भी दिया। निसंतान दंपतियों ने अमृत गंगा के उद्गम स्थल पर स्नान भी किया।
विज्ञापन
शनिवार को तड़के अनसूया मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना हुई। अपने-अपने गांवों की देव डोलियों की अगुवाई के लिए श्रद्धालु गोपेश्वर-मंडल मोटर मार्ग पर अनसूया गेट पर उमड़ पडे़। मेले के दौरान अक्षत नाट्य संस्था, गोपीनाथ कला मंच और स्थानीय कलाकारों ने भी कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए। दत्तात्रेय ट्रस्ट ने विशाल भंडारे का आयोजन किया। निसंतान दंपतियों के साथ ही धाम पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माता अनसूया के दर्शन कर परिवार की कुशलता की मनौतियां मांगीं। इस मौके पर अनसूया देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष कुंवर सिंह नेगी, मंदिर के पुजारी प्रदीप सेमवाल, समिति के सचिव हरेंद्र बिष्ट, बलराम तिवारी और पूर्व ब्लॉक प्रमुख भगत सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
हमारी शादी को सात साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक भी कोई संतान नहीं हैं। माता अनसूया के बारे में सुना, तो हम इस वर्ष पुत्र कामना लेकर यहां पहुंचे हैं। - ममता, पंजाब निवासी।
विज्ञापन
माता अनसूया पुत्र दायनी हैं। यही कामना लेकर यहां आई हूं। रातभर मां का स्मरण किया। यहां आकर मन को शांति मिली है। शादी हुए पांच साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक कोई संतान नहीं है। मां के पास पुत्र कामना लेकर पहुंचे हैं। - रितु, हरिद्वार निवासी।
माता अनसूया पुत्र दायिनी है। पहली बार यहां आई हूं। मां हमारी मनोकामना जरूर पूरी कर देगी। - शकुंतला देवी, रामनगर निवासी।
शादी को हुए ग्यारह साल हो गए हैं, लेकिन संतान नहीं हुई है। हमें यहां के बारे में किसी परिचित ने बताया तो माता के चरणों में पहुंच गए। - पूनम, देहरादून निवासी।
धाम में चलाया सफाई अभियान
गोपेश्वर। अनसूया धाम में कई श्रद्धालुओं ने सफाई अभियान भी चलाया। मंदिर परिसर के साथ ही मंदिर के इर्द-गिर्द मैदानी क्षेत्र में बिखरे कूड़े को श्रद्धालुओं ने इकट्ठा कर मौके पर ही उसका निस्तारण किया। नवीन चंद्र भट्ट, अनिल और मनीष पुरोहित का कहना है कि अनसूया मंदिर में पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु कूड़ा-करकट यहीं छोड़ कर चले जाते हैं। बरसात में यह कूड़ा निचले क्षेत्रों में खेतों और गदेरों में अटक जाता है।
दत्तात्रेय और अत्रिमुनि आश्रम में मत्था टेका
गोपेश्वर। श्रद्धालुओं ने अनसूया मंदिर के समीप स्थित अत्रिमुनि आश्रम और दत्तात्रेय मंदिर में भी मत्था टेका। निर्जन वन में स्थित अत्रिमुनि आश्रम में श्रद्धालुओं ने चढ़ावा भी दिया। निसंतान दंपतियों ने अमृत गंगा के उद्गम स्थल पर स्नान भी किया।