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सेंचुरी एरिया ने रोकी मसोली-नैल सड़क निर्माण की रफ्तार
Chamoli
Updated Tue, 11 Feb 2014 05:43 AM IST
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गोपेश्वर। हापला घाटी के मसोली, गुड़म, कुलेंडू, सिदेली और नैल गांवों के लिए पांच वर्षों से निर्माणाधीन मसोली-गुड़म-नैल मोटर मार्ग पर सैंचुरी एरिया रोड़ा अटका रही है। लोनिवि गौचर की ओर से वन विभाग को कई प्रस्ताव देने के बावजूद अब तक वन भूमि की स्वीकृति न मिलने से सड़क निर्माण अधूरा पड़ा है। सड़क न होने से हापला घाटी के ग्रामीणों को अपने गंतव्य जाने के लिए करीब आठ किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है।
वर्ष 2008 में इन चार किमी सड़क के निर्माण के लिए लोनिवि को 3 करोड़ 46 लाख रुपये स्वीकृत हुए। मसोली से बलाण गांव तक चार किमी सड़क कटिंग की गई। इससे आगे पांच किमी कस्तूरा मृग विहार क्षेत्र आने से सड़क निर्माण कार्य रुक गया। शुरुआत में चार किमी हिल कटिंग कार्य भी ठेकेदार ने अधूरा छोड़ दिया है। यहां वर्तमान में सिर्फ एक किमी तक ही छोटे वाहनों की आवाजाही हो पा रही है। चंद्रशिला संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि लोनिवि द्वारा वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में देरी की जा रही है। ग्रामीणों को अपने गांवों तक जाने के लिए पैदल ही आवाजाही की जा रही है।
सड़क निर्माण कार्य में वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया गतिमान है। शुरुआत में ठेकेदार ने सड़क निर्माण अधूरा छोड़ दिया है। ठेकेदार से 10 फीसदी अर्थदंड वसूला जाना है। गुड़म गांव के समीप मोटर पुल बनाया जाना है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।- एमएस रावत, सहायक अभियंता, लोनिवि, गौचर
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वर्ष 2008 में इन चार किमी सड़क के निर्माण के लिए लोनिवि को 3 करोड़ 46 लाख रुपये स्वीकृत हुए। मसोली से बलाण गांव तक चार किमी सड़क कटिंग की गई। इससे आगे पांच किमी कस्तूरा मृग विहार क्षेत्र आने से सड़क निर्माण कार्य रुक गया। शुरुआत में चार किमी हिल कटिंग कार्य भी ठेकेदार ने अधूरा छोड़ दिया है। यहां वर्तमान में सिर्फ एक किमी तक ही छोटे वाहनों की आवाजाही हो पा रही है। चंद्रशिला संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि लोनिवि द्वारा वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में देरी की जा रही है। ग्रामीणों को अपने गांवों तक जाने के लिए पैदल ही आवाजाही की जा रही है।
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सड़क निर्माण कार्य में वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया गतिमान है। शुरुआत में ठेकेदार ने सड़क निर्माण अधूरा छोड़ दिया है। ठेकेदार से 10 फीसदी अर्थदंड वसूला जाना है। गुड़म गांव के समीप मोटर पुल बनाया जाना है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।- एमएस रावत, सहायक अभियंता, लोनिवि, गौचर
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