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खतरे की जद में संवर रहा भविष्य
Chamoli
Updated Sat, 08 Dec 2012 05:30 AM IST
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गैरसैंण। जूनियर हाईस्कूल कंडारीखोड़ का भवन पिछले पांच सालों से जर्जर स्थिति में हैं। यहां पढ़ने वाले 43 बच्चों का भविष्य खतरे की जद में संवर रहा है। अभिभावक और शिक्षक किसी हादसे की आशंका से भयभीत रहते हैं। विद्यालय प्रबंध समिति एवं ग्राम प्रधान ने विद्यालय भवन की मरम्मत न होने पर एक जनवरी से बीईओ कार्यालय में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
ग्राम पंचायत कंडारीखोड़ का जूनियर हाईस्कूल जर्जर स्थिति में पहुंच गया है समय के साथ इस भवन की स्थिति आर खराब होती जा रही है। बरसात के दौरान विद्यालय का संचालन गांव के ही एक निजि भवन में किया गया था । उस समय उम्मीद थी कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारी भवन की मरम्मत की तरफ ध्यान देंगे लेकिन हालात नहीं बदले। फिर उसी जर्जर भवन में ही विद्यालय चल रहा है।
ग्राम प्रधान पान सिंह रावत, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष अमर सिंह, हंसी देवी, इंद्र सिंह, त्रिलोक सिंह आदि का कहना है कि विभाग को मौखिक एवं लिखित में कई बार अवगत कराने के बाद भी जर्जर भवन की सुध नहीं ली जा रही है। उन्होंने शीघ्र ही भवन की मरम्मत न होने की स्थिति में एक जनवरी से बीईओ कार्यालय में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
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इनका कहना है--
बीते वर्ष दैवीय आपदा में जर्जर विद्यालय भवन के पुर्ननिर्माण के लिए 18 लाख से अधिक का ईस्टीमेट बनाकर भेजा था। लेकिन शासन ने स्वीकृत नहीं हो पाया। अब पुन: इसे राज्य सेक्टर में शामिल किया गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य कराया जाएगा।
सीएस बिष्ट बीईओ गैरसैंण
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ग्राम पंचायत कंडारीखोड़ का जूनियर हाईस्कूल जर्जर स्थिति में पहुंच गया है समय के साथ इस भवन की स्थिति आर खराब होती जा रही है। बरसात के दौरान विद्यालय का संचालन गांव के ही एक निजि भवन में किया गया था । उस समय उम्मीद थी कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारी भवन की मरम्मत की तरफ ध्यान देंगे लेकिन हालात नहीं बदले। फिर उसी जर्जर भवन में ही विद्यालय चल रहा है।
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ग्राम प्रधान पान सिंह रावत, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष अमर सिंह, हंसी देवी, इंद्र सिंह, त्रिलोक सिंह आदि का कहना है कि विभाग को मौखिक एवं लिखित में कई बार अवगत कराने के बाद भी जर्जर भवन की सुध नहीं ली जा रही है। उन्होंने शीघ्र ही भवन की मरम्मत न होने की स्थिति में एक जनवरी से बीईओ कार्यालय में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
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बीते वर्ष दैवीय आपदा में जर्जर विद्यालय भवन के पुर्ननिर्माण के लिए 18 लाख से अधिक का ईस्टीमेट बनाकर भेजा था। लेकिन शासन ने स्वीकृत नहीं हो पाया। अब पुन: इसे राज्य सेक्टर में शामिल किया गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य कराया जाएगा।
सीएस बिष्ट बीईओ गैरसैंण