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आपदा के कहर से बेरोजगार भी मुसीबत में
Chamoli
Updated Thu, 09 Aug 2012 12:00 PM IST
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गोपेश्वर। चारों ओर आपदा से घिरे चमोली जनपद के बेरोजागर युवा-युवतियां एक और मुसीबत में फंस गए हैं। 18 अगस्त को हरिद्वार में आयोजित होने वाली उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की लोअर सबोर्डिनेट मुख्य परीक्षा 2010 में शामिल होने के लिए चमोली जनपद से भी सैकड़ों युवा-युवतियों ने आवेदन किया हुआ है लेकिन अधिकांश संपर्क मार्ग अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हैं। कई जगहों पर ग्रामीणों के आवासीय भवन ही आपदा की चपेट में आ गए हैं।
मार्ग क्षतिग्रस्त होने से घाट, देवाल, गैरसैंण, दशोली, जोशीमठ और पोखरी क्षेत्रों के ग्रामीण करीब 24 किमी तक पैदल आवाजाही कर रहे हैं। ऐसे में चमोली जनपद के युवाओं को इस परीक्षा में शामिल होने से वंचित रहने का डर सता रहा है। दूरस्थ क्षेत्र के युवा परीक्षा के आयोजन की जानकारी लेने के लिए मीलों पैदल चलकर जिला मुख्यालय पहुंच रहे हैं। परीक्षार्थी दिगंबर सिंह, तरुण, यशवंत रावत, रमेश कुमार और मनोज तिवारी का कहना है कि जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते परीक्षा की तिथि को पीछे किया जाना चाहिए। अभ्यर्थी अर्चना रावत का कहना है कि वह देवाल से परीक्षा के बारे में पता करने मीलों पैदल चलकर जिला मुख्यालय पहुंची है।
परीक्षा आयोजन की तिथि को बढ़ाना और घटाना आयोग के निर्णय पर निर्भर है। अभ्यर्थियों को यदि परीक्षा में सम्मिलित होने में दिक्कत हो रही है, तो वे आयोग को अपना प्रत्यावेदन दे सकते हैं।
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-चंद्रशेखर भट्ट, सचिव, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग, देहरादून।
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मार्ग क्षतिग्रस्त होने से घाट, देवाल, गैरसैंण, दशोली, जोशीमठ और पोखरी क्षेत्रों के ग्रामीण करीब 24 किमी तक पैदल आवाजाही कर रहे हैं। ऐसे में चमोली जनपद के युवाओं को इस परीक्षा में शामिल होने से वंचित रहने का डर सता रहा है। दूरस्थ क्षेत्र के युवा परीक्षा के आयोजन की जानकारी लेने के लिए मीलों पैदल चलकर जिला मुख्यालय पहुंच रहे हैं। परीक्षार्थी दिगंबर सिंह, तरुण, यशवंत रावत, रमेश कुमार और मनोज तिवारी का कहना है कि जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते परीक्षा की तिथि को पीछे किया जाना चाहिए। अभ्यर्थी अर्चना रावत का कहना है कि वह देवाल से परीक्षा के बारे में पता करने मीलों पैदल चलकर जिला मुख्यालय पहुंची है।
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परीक्षा आयोजन की तिथि को बढ़ाना और घटाना आयोग के निर्णय पर निर्भर है। अभ्यर्थियों को यदि परीक्षा में सम्मिलित होने में दिक्कत हो रही है, तो वे आयोग को अपना प्रत्यावेदन दे सकते हैं।
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-चंद्रशेखर भट्ट, सचिव, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग, देहरादून।