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70 साल बाद बस्ती में पहुंचा पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली।
Updated Sun, 27 Nov 2016 10:35 PM IST
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बदरीनाथ हाईवे पर कालेश्वर ग्राम पंचायत के बगड़ गांव में बसी अनुसूचित जनजाति बस्ती अब पानी पहुंचा है। यहां के लोग पानी के लिए हैंडपंप और अलकनंदा नदी पर निर्भर थे। रविवार को योजना के लोकार्पण के साथ ही बस्ती में पानी पहुंचा। पानी आने पर भोटिया महिलाओं ने मांगल गीत गाकर खुशी मनाई।
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जोशीमठ के सीमावर्ती जुम्मा में रहने वाले भोटिया समुदाय के लिए लोग छह माह के लिए कालेश्वर में रहते थे। करीब 70 साल पहले यह बस्ती अस्तित्व में आई। बदलते समय के साथ-साथ अब अधिकतर लोग कालेश्वर में ही रहने लगे हैं। वर्तमान में यहां भोटिया समुदाय के 120 परिवार रह रहे हैं, लेकिन बसासत के बाद से बस्ती के लिए पेयजल योजना नहीं बन पाई।
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प्रधान हरीश चौहान ने बताया कि लंबे समय के प्रयास, ग्रामीणों के तहसील और जिले में आंदोलन के साथ ही विधायक डा. अनसूया प्रसाद मैखुरी के प्रयासों से बस्ती के लिए पेयजल निगम ने करीब 21.60 लाख की लागत से एक साल पूर्व पेयजल योजना का निर्माण शुरू किया था।
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रविवार को योजना के लोकार्पण के बाद बस्ती में पानी पहुंचा। अब जल्द ही बस्ती का हर घर पेयजल योजना से जुड़ सकेगा। योजना पर पानी शुरू हुआ तो भोटिया महिलाओं ने मांगल गीत गाए और ढोल दमाऊं के साथ योजना और जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया। बस्ती के निवासी पूरण सिंह रावत, गुलाब सिंह रावत, सुखबीर सिंह, अनूप डिमरी, नंदलाल, प्रेम सिंह ने कहा कि पेयजल योजना से लोगों को लाभ मिलेगा।