गैरसैंण: 35 आंदोलनकारियों ने जमानत से किया इनकार, जेल गए
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गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने के लिए विरोध प्रदर्शन करने वाले आंदोलनकारियों के जमानत पर रिहा होने से इनकार कर दिया। दो साल पहले भराड़ीसैंण में विस सत्र के दौरान प्रदर्शन करने वाले आंदोलनकारी गिरफ्तारी देने ढोल दमाऊं के साथ कोर्ट पहुंचे। उनके समर्थन में लोगों ने सरकार के विरोध में जुलूस निकालकर नारेबाजी की। 38 आंदोलनकारियों में से 35 आंदोलनकारी न्यायिक मजिस्ट्रेट गैरसैंण की अदालत पहुंचे जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। आंदोलनकारियों के प्रदर्शन को देखते हुए बुधवार को सुबह से ही पूरा गैरसैंण छावनी परिसर में तब्दील रहा।
दो साल पहले भराड़ीसैंण में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग के लिए लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। तब 38 आंदोलनकारियों पर कर्णप्रयाग-नैनीताल हाईवे जाम करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित कई अन्य धाराओं में गैरसैंण में मुकदमा दर्ज किया गया था। बुधवार को आंदोलनकारियों को कोर्ट में पेश होना था। प्रदर्शन को देखते हुए तहसील और कोर्ट परिसर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। बुधवार सुबह चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पौड़ी और आसपास के गांवों से लोग यहां पहुंचे और आंदोलनकारियों के पक्ष में ढोल नगाड़ों के साथ रामलीला मैदान से तहसील परिसर तक जुलूस निकालकर सरकार के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद सभी आंदोलनकारी और प्रदर्शनकारी तहसील परिसर के गेट पर पहुंचे तो पुलिस ने उनको रोक दिया। इस पर वह भड़क गए और पुलिस की ओर से लगाई गई बैरिकेडिंग को हटाकर तहसील परिसर में पहुंचने के बाद कोर्ट में पेश हुए।
अधिवक्ता केएस बिष्ट ने बताया कि कोर्ट में हाजिर होने के बाद आंदोलनकारियों ने जमानत पर रिहा होने से इनकार कर दिया। उनके जमानती पेश नहीं करने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित भट्ट ने सभी आंदोलनकारियों को जेल भेजने के आदेश दे दिए। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने 35 आंदोलनकारियों को दो वाहनों से पुरसाड़ी जेल भेज दिया। बछुवाबाण, टेंटुड़ा, मालकोट, कालीमाटी, सेरा, धारगट, सिलंगा, मेहलचौंरी, पंचाली, मूसों, सिलंगी, गांवली, पज्याणा, मटकोट, पंचाली, गैड़ से आए लोगों ने कहा कि सरकार फर्जी मुकदमे दर्ज कर आंदोलन को दबाना चाहती है, लेकिन वे गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाकर ही दम लेंगे।
इस दौरान आंदोलनकारियों के समर्थन में पूर्व राज्य मंत्री राजेंद्र भंडारी, पूर्व डिप्टी स्पीकर डॉ. एपी मैखुरी, परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष पीसी तिवारी, राजधानी गैरसैंण संघर्ष समिति के केंद्रीय अध्यक्ष चारु तिवारी, इंद्रेश मैखुरी, पूर्व राज्य मंत्री सुरेंद्र बिष्ट, मोहित डिमरी, राय बिष्ट, पुष्कर रावत, सत्यपाल नेगी, केपी ढौंडियाल, रमेश नौटियाल, पूर्व प्रमुख राजेंद्र सगोई, मुकेश नेगी, मनीष सुंदरियाल, किरन, गोपाल , कुंदन बिष्ट, महेश भारद्वाज, पूरन सिंह मेहरा, राजा चौहान, कुंवर रावत, मोहन नेगी, जगदीश ढौंडियाल, महाबीर बिष्ट, सुरेंद्र लाल आदि मौजूद रहे।
ये आंदोलनकारी गए जेल
गैरसैंण संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, कृष्णा देवी, पृथ्वी सिंह, सरोज शाह, छुमा देवी, हंसी देवी, धन सिंह शाह, गोविंदी देवी, उमा देवी, चंद्रमती, लक्ष्मण सिंह, विशाली देवी, काशी देवी, कमला देवी, पार्वती देवी, लक्ष्मी देवी, कुलदीप रावत, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, राम प्रसाद उप्रेती, चैना देवी, गुड्डी देवी, मंजू देवी, मुन्नी देवी, राधा देवी, जसवंत सिंह, वीरेंद्र लाल आर्य, पूरण सिंह नेगी, धनी राम, नंदन सिंह, बलवंत सिंह, गौरव, देवेंद्र सिंह बिष्ट, सुमति बिष्ट, बीरा देवी, मंजू देवी।
नहीं पहुंचे हरीश रावत
चार जुलाई को गैरसैंण आए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा था कि अगर आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया गया तो वे भी उनके समर्थन में अपनी गिरफ्तारी देंगे, लेकिन पूर्व सीएम हरीश रावत बुधवार को गैरसैंण नहीं पहुंचे।