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वन भूमि में सड़क का मलबा डालने पर कार्यदायी संस्था से साढ़े 24 लाख की होगी वसूली
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 17 किमी थराली-देवाल-मुंदोली सड़क से ताजपुर लग्गा कांडई लिंक मार्ग के निर्माण का मलबा वन भूमि पर डाला गया। इससे वन भूमि के साथ ही संरक्षित प्रजाति के पेड़ों को नुकसान हुआ था। अब इस मामले में बदरीनाथ वन प्रभाग ने कार्यदायी संस्था एनपीसीसी कर्णप्रयाग से 24,61852 रुपये की वसूली के निर्देश दिए हैं। वन विभाग ने इस संबंध में रिपोर्ट नोडल अधिकारी व अपर वन संरक्षण को सौंप दी है।
मामला 28 अक्तूबर वर्ष 2021 का है। वन पंचायत सरपंच ल्वाणी ने वन विभाग को लिखित सूचना दी कि थराली-देवाल-मुंदोली सड़क के निर्माण का मलबा डंपिंग जोन के बजाय वन पंचायत की भूमि पर डाला जा रहा है। सड़क की कार्यदायी संस्था एनपीसीसी (राष्ट्रीय परियोजना निर्माण निगम) ने क्षेत्र में कोई भी डंपिंग जोन नहीं बनाया है। मलबा डंप करने से भारी मात्रा में पेड़ों और छोटे पौधों को नुकसान हुआ है। इस पर वन विभाग की टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में पाया गया कि कार्यदायी संस्था की ओर से 2.933 हेक्टेयर वन भूमि पर अनियमित मलबा डाला गया है, जिससे 1.429 हेक्टेयर भूमि को पूर्ण क्षति पहुंची है। इससे 137 पेड़ पूर्ण रूप से और 245 वृक्ष आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें 115 संरक्षित प्रजाति के बांज के पेड़ भी शामिल हैं। पेड़ों की क्षति का जुर्माना 75088 रुपये ठेकेदार की ओर से उसी दौरान वन पंचायत ल्वाणी को दिए गए। बीते 19 फरवरी को दोबारा वन विभाग की टीम ने ब्लॉक प्रमुख, राजस्व विभाग और एनपीसीसी के अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया, जिसमें मामला सही पाया गया। इसके बाद बदरीनाथ वन प्रभाग ने वन क्षेत्र क्वालिटी क्लास ट्रॉपिकल सदाबहार फॉरेस्ट के अंतर्गत कार्यदायी संस्था एनपीसीसी से 24,61852 रुपये की वसूली की संस्तुति की। बदरीनाथ वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश कुमार ने बताया कि वन भूमि को अनियमित तरीके से नुकसान पहुंचाया गया है। लिहाजा कार्यदायी संस्था से वसूली की संस्तुति की गई है।
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मामला 28 अक्तूबर वर्ष 2021 का है। वन पंचायत सरपंच ल्वाणी ने वन विभाग को लिखित सूचना दी कि थराली-देवाल-मुंदोली सड़क के निर्माण का मलबा डंपिंग जोन के बजाय वन पंचायत की भूमि पर डाला जा रहा है। सड़क की कार्यदायी संस्था एनपीसीसी (राष्ट्रीय परियोजना निर्माण निगम) ने क्षेत्र में कोई भी डंपिंग जोन नहीं बनाया है। मलबा डंप करने से भारी मात्रा में पेड़ों और छोटे पौधों को नुकसान हुआ है। इस पर वन विभाग की टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया।
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निरीक्षण में पाया गया कि कार्यदायी संस्था की ओर से 2.933 हेक्टेयर वन भूमि पर अनियमित मलबा डाला गया है, जिससे 1.429 हेक्टेयर भूमि को पूर्ण क्षति पहुंची है। इससे 137 पेड़ पूर्ण रूप से और 245 वृक्ष आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें 115 संरक्षित प्रजाति के बांज के पेड़ भी शामिल हैं। पेड़ों की क्षति का जुर्माना 75088 रुपये ठेकेदार की ओर से उसी दौरान वन पंचायत ल्वाणी को दिए गए। बीते 19 फरवरी को दोबारा वन विभाग की टीम ने ब्लॉक प्रमुख, राजस्व विभाग और एनपीसीसी के अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया, जिसमें मामला सही पाया गया। इसके बाद बदरीनाथ वन प्रभाग ने वन क्षेत्र क्वालिटी क्लास ट्रॉपिकल सदाबहार फॉरेस्ट के अंतर्गत कार्यदायी संस्था एनपीसीसी से 24,61852 रुपये की वसूली की संस्तुति की। बदरीनाथ वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश कुमार ने बताया कि वन भूमि को अनियमित तरीके से नुकसान पहुंचाया गया है। लिहाजा कार्यदायी संस्था से वसूली की संस्तुति की गई है।
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