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विष्णुगाड़ परियोजना को बंद करवाकर ही लेंगे दम
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पीपलकोटी। अलकनंदा पर निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना से छोटी काशी के नाम से विख्यात हाट गांव को हो रहे नुकसान का जायजा लेने मातृ सदन के अध्यक्ष शिवानंद स्वामी पहुंचे। उन्होंने कहा कि परियोजना कंपनी की ओर से इस प्राचीन धार्मिक स्थल को खुर्द-बुर्द किया जा रहा है। क्षेत्र में जल विद्युत परियोजना का कार्य बंद करवाकर इस धार्मिक स्थल को मुक्त किया जाएगा। इसके लिए चाहे प्राण ही क्यों न देने पड़ें पीछे नहीं हटेंगे।
विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के निर्माण से हाट गांव को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। हाट गांव में तीन सौ परिवारों में से अब सिर्फ 35 परिवार ही यहां रह रहे हैं, जबकि अन्य परिवारों का टीएचडीसी की ओर से पुनर्वास किया जा चुका है। शिवानंद स्वामी पहले से ही हाट गांव में जल विद्युत परियोजना के विरोध में रहे। उन्होंने परियोजना को बंद करवाने के लिए क्षेत्र में कई बार आंदोलन भी किए। बृहस्पतिवार को सुबह ग्यारह बजे वे हाट गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ गांव में जल विद्युत परियोजना कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि हाट गांव पूर्व से ही संतों की भूमि रही है, लेकिन परियोजना कंपनी ने इस गांव की दुर्दशा कर दी है। जल्द ही परियोजना निर्माण कार्य बंद करवाने के लिए आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर नरेंद्र पोखरियाल, पूर्णानंद गिरी और दयानंद स्वामी आदि मौजूद थे।
विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के निर्माण से हाट गांव को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। हाट गांव में तीन सौ परिवारों में से अब सिर्फ 35 परिवार ही यहां रह रहे हैं, जबकि अन्य परिवारों का टीएचडीसी की ओर से पुनर्वास किया जा चुका है। शिवानंद स्वामी पहले से ही हाट गांव में जल विद्युत परियोजना के विरोध में रहे। उन्होंने परियोजना को बंद करवाने के लिए क्षेत्र में कई बार आंदोलन भी किए। बृहस्पतिवार को सुबह ग्यारह बजे वे हाट गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ गांव में जल विद्युत परियोजना कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि हाट गांव पूर्व से ही संतों की भूमि रही है, लेकिन परियोजना कंपनी ने इस गांव की दुर्दशा कर दी है। जल्द ही परियोजना निर्माण कार्य बंद करवाने के लिए आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर नरेंद्र पोखरियाल, पूर्णानंद गिरी और दयानंद स्वामी आदि मौजूद थे।
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