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गांव में विद्युतीकरण के लिए भटक रहे ग्रामीण
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गोपेश्वर। घाट ब्लाक के आपदा प्रभावित कनोल गांव में 60 परिवार विद्युतीकरण के लिए भटक रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात को अंधेरा होने से वन्य जीव गांवों की ओर आ रहे हैं।
दस सालों से जिला प्रशासन की ओर से कनोल गांव पुनर्वास की श्रेणी में था। गांव के निचले क्षेत्र में भारी मात्रा में भूस्खलन होने से वर्ष 2018 में प्रशासन ने गांव के 60 परिवारों का क्षेत्र में ही पुनर्वास कर दिया, लेकिन यहां विद्युतीकरण की व्यवस्था नहीं की गई। घाट ब्लॉक प्रमुख कर्ण सिंह नेगी का कहना है कि ऊर्जा निगम के अधिकारियों को कई बार अवगत कराने पर भी गांव में विद्युतीकरण नहीं किया जा रहा है। बिजली न होने से मोमबत्ती के सहारे रातें काट रहे हैं। इधर, ऊर्जा निगम के ईई कैलाश कुमार का कहना है कि गांव में विद्युतीकरण के लिए अवर अभियंता को भेजकर ग्रामीणों से आवेदन मांगे जाएंगे। दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत गांव में विद्युतीकरण कर दिया जाएगा।
दस सालों से जिला प्रशासन की ओर से कनोल गांव पुनर्वास की श्रेणी में था। गांव के निचले क्षेत्र में भारी मात्रा में भूस्खलन होने से वर्ष 2018 में प्रशासन ने गांव के 60 परिवारों का क्षेत्र में ही पुनर्वास कर दिया, लेकिन यहां विद्युतीकरण की व्यवस्था नहीं की गई। घाट ब्लॉक प्रमुख कर्ण सिंह नेगी का कहना है कि ऊर्जा निगम के अधिकारियों को कई बार अवगत कराने पर भी गांव में विद्युतीकरण नहीं किया जा रहा है। बिजली न होने से मोमबत्ती के सहारे रातें काट रहे हैं। इधर, ऊर्जा निगम के ईई कैलाश कुमार का कहना है कि गांव में विद्युतीकरण के लिए अवर अभियंता को भेजकर ग्रामीणों से आवेदन मांगे जाएंगे। दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत गांव में विद्युतीकरण कर दिया जाएगा।
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