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बेटे को नौकरी से हटाने की जानकारी के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को विवश हैं पिता
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कर्णप्रयाग। वर्ष 2013 मे उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी कोटे से जल निगम श्रीनगर में अवर अभियंता के पद पर तैनात थराली के युवक जगदीश चंद्र पंत को नौ माह बाद बिना किसी कारण नौकरी से हटा दिया गया। इस मामले में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगने पर अधिकारी छह साल बाद भी जवाब नहीं दे रहे हैं।
चमोली जिले के थराली के निवासी आरसी पंत ने बताया कि उनका बेटा जगदीश चंद्र पंत राज्य आंदोलकारी कोटे के तहत वर्ष 2013 मे जल निगम कार्यालय श्रीनगर मे जेई के पद पर नियुक्त हुआ था। तत्कालीन पेयजल आयुक्त ने नौ माह की नौकरी के बाद बिना कारण बताए उसको नौकरी से हटा दिया था। उन्होंने पीएमओ, सीएम कार्यालय सहित संबधित विभाग से सूचना के अधिकार के तहत बेटे को नौकरी से हटाने के कारणों की जानकारी मांगी थी, लेकिन छह वर्षों से उनको जानकारी नहीं दी गई जो कि सूचना के अधिकार अधिनियम की अवहेलना है। उन्होने कहा कि जल्द उनको सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी से अवगत नहीं कराया गया तो वे परिवार के साथ तहसील मुख्यालय थराली में आमरण अनशन के लिए बाध्य होंगे।
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चमोली जिले के थराली के निवासी आरसी पंत ने बताया कि उनका बेटा जगदीश चंद्र पंत राज्य आंदोलकारी कोटे के तहत वर्ष 2013 मे जल निगम कार्यालय श्रीनगर मे जेई के पद पर नियुक्त हुआ था। तत्कालीन पेयजल आयुक्त ने नौ माह की नौकरी के बाद बिना कारण बताए उसको नौकरी से हटा दिया था। उन्होंने पीएमओ, सीएम कार्यालय सहित संबधित विभाग से सूचना के अधिकार के तहत बेटे को नौकरी से हटाने के कारणों की जानकारी मांगी थी, लेकिन छह वर्षों से उनको जानकारी नहीं दी गई जो कि सूचना के अधिकार अधिनियम की अवहेलना है। उन्होने कहा कि जल्द उनको सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी से अवगत नहीं कराया गया तो वे परिवार के साथ तहसील मुख्यालय थराली में आमरण अनशन के लिए बाध्य होंगे।
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