{"_id":"5d0670788ebc3e533a7a02ca","slug":"15607030848-karnpryag-news35","type":"story","status":"publish","title_hn":"आधी रात को ढोल नगाड़ बजाकर सरकार के विरोध में नारेबाजी करने के बाद ग्रामीण बैठे भूख हड़ताल पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आधी रात को ढोल नगाड़ बजाकर सरकार के विरोध में नारेबाजी करने के बाद ग्रामीण बैठे भूख हड़ताल पर
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गैरसैंण। शहीदों के गांवों तक सड़क निर्माण न होने से गुस्साए तीन बुजुर्गों ने शनिवार देर रात को बासीसेम गांव के पंचायती घर पर भूख हड़ताल शुरू कर है। रविवार को गैरसैंण प्रशासन की टीम आंदोलनकारियों से वार्ता के लिए पहुंची लेकिन ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक पूरी छह किमी सड़क की निविदा नहीं मंगाई जाती, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।
लखेड़ी, अक्षवाड़ा, बासीसेम, गोलतल्ला और भेड़ियाणा के ग्रामीण बौखनारा से अपने गांवों को सड़क से जोड़ने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार से आंदोलन कर रहे हैं। शुक्रवार को पांच बुजुर्ग गांव में ही क्रमिक अनशन पर बैठ गए थे। शनिवार को देर रात तक जब अनशन पर बैठे लोगों की सुध लेने कोई नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों ने आधी रात में ही ढोल नगाड़े बजाकर सरकार के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद तीन बुजुर्ग लखेड़ी के प्रधान प्रताप सिंह, हीरा सिंह और सोबन सिंह बासीसेम गांव के पंचायत घर में भूख हड़ताल पर बैठ गए। ग्रामीणों ने कहा कि 20 साल भी गांवों तक सड़क नहीं पहुंची है। रविवार को जैसे ही अधिकारियों को ग्रामीणों की भूख हड़ताल की जानकारी हुई तो लोनिवि के अवर अभियंता प्रेम पंत और रजत नेगी, पटवारी हितेश डिमरी, दुर्गा कप्रवाण, सर्वेयर देवेंद्र भाकुनी आंदोलनकारियों से वार्ता को पहुंचे। उन्होंने बुधवार तक तीन किमी सड़क निर्माण करवाने का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीणों ने कहा कि बौखनारा से अक्षवाड़ा, बासीसेम, तल्ला गौल, भेड़ियाणा और मासोंसेरा से राइंका रोहिडा तक एक साथ छह किमी की निविदा डालकर सड़क निर्माण करवाया कर मैखोली सड़क से इसका मिलान किया जाए। इसके बाद प्रशासन की टीम को बैरंग लौटना पड़ा। इस दौरान कलम सिंह, चंद्र सिंह, हीरा देवी, कस्तूरा देवी, महाबीर बिष्ट, धर्म सिंह, कला देवी, भागीरथी देवी, अनीता, सुरेंद्र सिंह, भागा देवी आदि थे।
लखेड़ी, अक्षवाड़ा, बासीसेम, गोलतल्ला और भेड़ियाणा के ग्रामीण बौखनारा से अपने गांवों को सड़क से जोड़ने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार से आंदोलन कर रहे हैं। शुक्रवार को पांच बुजुर्ग गांव में ही क्रमिक अनशन पर बैठ गए थे। शनिवार को देर रात तक जब अनशन पर बैठे लोगों की सुध लेने कोई नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों ने आधी रात में ही ढोल नगाड़े बजाकर सरकार के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद तीन बुजुर्ग लखेड़ी के प्रधान प्रताप सिंह, हीरा सिंह और सोबन सिंह बासीसेम गांव के पंचायत घर में भूख हड़ताल पर बैठ गए। ग्रामीणों ने कहा कि 20 साल भी गांवों तक सड़क नहीं पहुंची है। रविवार को जैसे ही अधिकारियों को ग्रामीणों की भूख हड़ताल की जानकारी हुई तो लोनिवि के अवर अभियंता प्रेम पंत और रजत नेगी, पटवारी हितेश डिमरी, दुर्गा कप्रवाण, सर्वेयर देवेंद्र भाकुनी आंदोलनकारियों से वार्ता को पहुंचे। उन्होंने बुधवार तक तीन किमी सड़क निर्माण करवाने का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीणों ने कहा कि बौखनारा से अक्षवाड़ा, बासीसेम, तल्ला गौल, भेड़ियाणा और मासोंसेरा से राइंका रोहिडा तक एक साथ छह किमी की निविदा डालकर सड़क निर्माण करवाया कर मैखोली सड़क से इसका मिलान किया जाए। इसके बाद प्रशासन की टीम को बैरंग लौटना पड़ा। इस दौरान कलम सिंह, चंद्र सिंह, हीरा देवी, कस्तूरा देवी, महाबीर बिष्ट, धर्म सिंह, कला देवी, भागीरथी देवी, अनीता, सुरेंद्र सिंह, भागा देवी आदि थे।
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