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बदरीनाथ हाइवे पर यात्रियों को मिलेगी धूल से निजात
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गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को धूल से निजात मिल जाएगी। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को अधिक धूल वाले स्थानों पर ब्लैक टॉप (अस्थायी डामरीकरण) करने के निर्देश दिए हैं।
चमोली जनपद में ऑल वेदर रोड निर्माण के तहत बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 85 किमी के दायरे में चौड़ीकरण कार्य किया जा रहा है। निर्माणदायी संस्था की ओर से एनएच पर कंटिंग का कार्य किया गया है, जिससे यहां हर समय धूल का गुबार उड़ता रहता है। धूल से सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों व पैदल राहगीरों को हो रही है। वहीं कई स्थानों पर वाहनों के चलने के दौरान इतनी धूल उड़ रही है कि वाहन चालकों को कुछ दिखाई नहीं दे रहा, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। हालांकि कुछ स्थानों पर कार्यदायी एजेंसी पानी का छिड़काव भी कर रही है, लेकिन अत्यधिक गर्मी के चलते यह उपाय कारगर साबित नहीं हो रहा है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया का कहना है कि धूल वाले स्थानों पर पानी का छिड़काव समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने बताया कि कार्यदायी संस्था को अत्यधिक धूल वाले स्थानों पर ब्लैक टॉप (अस्थायी डामरीकरण) किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही अत्यधिक धूल वाले स्थानों पर ब्लैक टॉप कर दिया जाएगा।
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चमोली जनपद में ऑल वेदर रोड निर्माण के तहत बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 85 किमी के दायरे में चौड़ीकरण कार्य किया जा रहा है। निर्माणदायी संस्था की ओर से एनएच पर कंटिंग का कार्य किया गया है, जिससे यहां हर समय धूल का गुबार उड़ता रहता है। धूल से सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों व पैदल राहगीरों को हो रही है। वहीं कई स्थानों पर वाहनों के चलने के दौरान इतनी धूल उड़ रही है कि वाहन चालकों को कुछ दिखाई नहीं दे रहा, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। हालांकि कुछ स्थानों पर कार्यदायी एजेंसी पानी का छिड़काव भी कर रही है, लेकिन अत्यधिक गर्मी के चलते यह उपाय कारगर साबित नहीं हो रहा है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया का कहना है कि धूल वाले स्थानों पर पानी का छिड़काव समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने बताया कि कार्यदायी संस्था को अत्यधिक धूल वाले स्थानों पर ब्लैक टॉप (अस्थायी डामरीकरण) किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही अत्यधिक धूल वाले स्थानों पर ब्लैक टॉप कर दिया जाएगा।
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