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70 लाख खर्च फिर भी नहीं चल रहा पानी, विभाग ने फिर भेजा इस्टीमेंट
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कर्णप्रयाग। सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण नौ सालों से सिमली सिंचाई नहर पर पानी नहीं चला है। ऐसे में काश्तकारों की हजारों नाली उपजाऊ भूमि बंजर होने के कगार पर है। इतना ही नहीं नहर पर 2005 से अब तक करीब 70 लाख रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। फिर भी नहर की हालत नहीं सुधरी।
वर्ष 1952 में आटागाड़ गदेरे से विजयपुर, सेनू, सिमली, राड़खी, मजियाड़ी गांवों की पांच हजार नाली भूमि को सिंचित करने के लिए 12 किमी नहर का निर्माण किया गया था। ग्रामीण मलक सिंह, सुनील, जयदीप और वीरेंद्र ने बताया कि 35 सालों तक नहर में पानी की आपूर्ति होती रही। उसके बाद देखरेख के अभाव में नहर क्षतिग्रस्त होने लगी। सिमली-शैलेश्वर सड़क निर्माण के दौरान नहर और क्षतिग्रस्त हो गई। वर्ष 2005 के बाद सिंचाई विभाग ने अब तक इस नहर पर करीब 70 लाख से अधिक खर्च कर दिए लेकिन नहर पर पानी नहीं चला। ग्रामीणों का कहना है कि धान की बुआई के लिए बीज बोने के लिए नहर पर एक बूंद भी पानी नहीं है। वर्ष 2004 से पहले काश्तकार खेतों में गेहूं, धान, सरसों, मसूर, उड़द, गहत आदि फसलों की खेती करते थे अब नहर क्षतिग्रस्त होने से काश्तकारों के खेत बंजर होते जा रहे हैं।
कोट
सिमली सिंचाई नहर के पुनर्निर्माण के लिए सिंचाई विभाग ने 54 लाख और पीडब्लूडी ने 22 लाख रुपये का इस्टीमेट शासन को भेजा गया है। उम्मीद है कि इसे जल्द स्वीकृति मिलेगी और नहर पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - जगदीश थपलियाल, एई सिंचाई विभाग।
वर्ष 1952 में आटागाड़ गदेरे से विजयपुर, सेनू, सिमली, राड़खी, मजियाड़ी गांवों की पांच हजार नाली भूमि को सिंचित करने के लिए 12 किमी नहर का निर्माण किया गया था। ग्रामीण मलक सिंह, सुनील, जयदीप और वीरेंद्र ने बताया कि 35 सालों तक नहर में पानी की आपूर्ति होती रही। उसके बाद देखरेख के अभाव में नहर क्षतिग्रस्त होने लगी। सिमली-शैलेश्वर सड़क निर्माण के दौरान नहर और क्षतिग्रस्त हो गई। वर्ष 2005 के बाद सिंचाई विभाग ने अब तक इस नहर पर करीब 70 लाख से अधिक खर्च कर दिए लेकिन नहर पर पानी नहीं चला। ग्रामीणों का कहना है कि धान की बुआई के लिए बीज बोने के लिए नहर पर एक बूंद भी पानी नहीं है। वर्ष 2004 से पहले काश्तकार खेतों में गेहूं, धान, सरसों, मसूर, उड़द, गहत आदि फसलों की खेती करते थे अब नहर क्षतिग्रस्त होने से काश्तकारों के खेत बंजर होते जा रहे हैं।
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सिमली सिंचाई नहर के पुनर्निर्माण के लिए सिंचाई विभाग ने 54 लाख और पीडब्लूडी ने 22 लाख रुपये का इस्टीमेट शासन को भेजा गया है। उम्मीद है कि इसे जल्द स्वीकृति मिलेगी और नहर पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - जगदीश थपलियाल, एई सिंचाई विभाग।
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