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अधिकारों के प्रति सजग रहें महिलाएं
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गोपेश्वर। जन शिक्षण संस्थान चमोली की ओर से संचालित प्रशिक्षण केंद्र में अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत महिला सशक्तीकरण पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने पर जोर दिया गया।
संस्थान के प्रोग्राम ऑफिसर सीएस नेगी ने महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए एकजुटता दिखाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहाड़ की महिलाओं में हर संकट से जूझकर मुकाम हासिल करने की क्षमता है, लेकिन परिस्थितियां उन्हें कमजोर बना देती हैं। महिलाओं को स्वरोजगार के लिए और अपने अधिकारों के लिए आगे आना होगा। महिलाओं को यह जानना जरूरी है कि उनके अधिकारी क्या हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को दिनभर खेतीबाड़ी और घर-परिवार तक ही सीमित नहीं रहना है, उसे आत्मनिर्भर होकर समाज के कार्यों में भी बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करना चाहिए। संस्थान की प्रशिक्षक शाकंबरी देवी ने कहा कि महिलाएं ब्यूटी पार्लर कोर्स के साथ ही विभिन्न सजावनी वस्तुओं का निर्माण कर स्वरोजगार कर सकती हैं। महिलाओं को निडरता और साहस के साथ जिंदगी का निर्वहन करना है। घाट की अरुणा पुरोहित और दीपिका रावत ने कहा कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति भी जागरूक रहने की जरूरत है। महिलाओं को जड़ी-बूटी के कृषिकरण का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। इस मौके पर कविता भंडारी, दीपिका, रमा देवी, चंपा देवी, अर्चना देवी, प्रियंका देवी, चंदा रावत, हेमा देवी कंडारी, रानी रावत, प्रीति सती, रितु तिवारी, गंगोत्री भट्ट, मीना रावत, अर्चना रावत, जमना रावत, आरती देवी, अंजू देवी, पूनम देवी, बबली चौधरी, मंजू देवी, कलावती देवी, सरस्वती देवी और जमुना देवी आदि मौजूद थे।
संस्थान के प्रोग्राम ऑफिसर सीएस नेगी ने महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए एकजुटता दिखाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहाड़ की महिलाओं में हर संकट से जूझकर मुकाम हासिल करने की क्षमता है, लेकिन परिस्थितियां उन्हें कमजोर बना देती हैं। महिलाओं को स्वरोजगार के लिए और अपने अधिकारों के लिए आगे आना होगा। महिलाओं को यह जानना जरूरी है कि उनके अधिकारी क्या हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को दिनभर खेतीबाड़ी और घर-परिवार तक ही सीमित नहीं रहना है, उसे आत्मनिर्भर होकर समाज के कार्यों में भी बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करना चाहिए। संस्थान की प्रशिक्षक शाकंबरी देवी ने कहा कि महिलाएं ब्यूटी पार्लर कोर्स के साथ ही विभिन्न सजावनी वस्तुओं का निर्माण कर स्वरोजगार कर सकती हैं। महिलाओं को निडरता और साहस के साथ जिंदगी का निर्वहन करना है। घाट की अरुणा पुरोहित और दीपिका रावत ने कहा कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति भी जागरूक रहने की जरूरत है। महिलाओं को जड़ी-बूटी के कृषिकरण का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। इस मौके पर कविता भंडारी, दीपिका, रमा देवी, चंपा देवी, अर्चना देवी, प्रियंका देवी, चंदा रावत, हेमा देवी कंडारी, रानी रावत, प्रीति सती, रितु तिवारी, गंगोत्री भट्ट, मीना रावत, अर्चना रावत, जमना रावत, आरती देवी, अंजू देवी, पूनम देवी, बबली चौधरी, मंजू देवी, कलावती देवी, सरस्वती देवी और जमुना देवी आदि मौजूद थे।
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