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मानसून सत्र से पूर्व आपदा प्रबंधन की तैयारियों में जुटा जिला प्रशासन
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गोपेश्वर। जिला प्रशासन आगामी मानसून सीजन की तैयारियों में जुट गया है। सोमवार को जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कलक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने आपदा के दौरान हर समय राहत और बचाव कार्यों के लिए तैयार रहने को कहा। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एसके भंडारी के उपस्थित न रहने पर डीएम ने नाराजगी जताई और एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
बैठक में डीएम ने सभी एसडीएम को अपने क्षेत्र में स्वयं व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मानसून सत्र के दौरान कोई भी अधिकारी अपना फोन बंद नही रखेंगे और किसी भी क्षेत्र में कोई भी घटना होने पर तत्काल इसकी सूचना कंट्रोल रूम व संबंधित विभाग को उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने सड़क निर्माणदायी संस्थाओं को भूस्खलन क्षेत्रों के पास जेसीबी और पर्याप्त मैन पावर की तैनाती के लिए योजना तैयार करने, जेसीबी ऑपरेटर, अवर अभियंता व सहायक अभियंता के फोन नंबर उपलब्ध कराने आदि के निर्देश दिए। खाद्य पूर्ति विभाग के अधिकारियों को आगामी तीन माह की रसद और ईंधन के भंडारण के लिए कार्रवाई के लिए कहा गया। बैठक में सीडीओ हंसादत्त पांडे, एडीएम एमएस बर्निया, सीएमओ डा. एके डिमरी, डीएफओ अमित कंवर, मुख्य कोषाधिकारी वीरेंद्र कुमार, एसडीएम बुशरा अंसारी, केएस नेगी, देवानंद शर्मा के साथ ही सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
नदी किनारे निर्मित भवन होंगे चिह्नित
रुद्रप्रयाग। मानसून सीजन से निपटने के लिए जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों की बैठक ली और 25 मई तक अपनी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नदी किनारे बने आवासीय व सरकारी भवनों को चिह्नित करने के आदेश राजस्व विभाग केे दिए।
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बैठक में डीएम मंगेश घिल्डियाल ने जिले में तैनात सभी एसडीएम से मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त संपत्तियों का संबंधित अधिकारी के साथ निरीक्षण कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा। साथ ही नदी किनारे बने भवनों के स्वामियों के नाम व मोबाइल नंबर 25 मई तक उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने आपदा के दौरान भवन, फसल क्षति व अन्य प्रभावित मामलों का मुआवजा मौके पर ही बांटने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि बरसात में मार्ग बंद होने के दौरान यात्रियों के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था भी करें। बैठक में सीडीओ एनएस रावत, एडीएम अरविंद पांडे, डीएफओ मयंक शेखर झा, सीएमओ डा. एसके झा, एसडीएम देवमूर्ति यादव, बृजेश तिवाड़ी, परमानंद राम समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
आपात स्थिति से निपटने को तैयार रहें अधिकारी
पौड़ी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के लिए भू-कटाव व जलभराव स्थल पहले ही चिह्नित कर लें। जिला मुख्यालय पौड़ी में डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने दैवी आपदा से जुटे विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि आपदा की सूचना मिलने पर आपदा प्रबंधन तंत्र हमेशा तैयार रहे। उन्होंने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को आपदा में क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं और पेयजल से जुड़ी समस्याओं की सूची प्राथमिकता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ दीप्ति सिंह, एडीएम डा. एसके बरनवाल, एसडीएम सदर योगेश सिंह, कोटद्वार मनीष सिंह, श्रीनगर दीपेंद्र नेगी, यमकेश्वर एसएस राणा, लैंसडौन अर्पणा ढौडियाल, डीएफओ लक्ष्मण सिंह रावत व आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला आदि मौजूद थे।
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बैठक में डीएम ने सभी एसडीएम को अपने क्षेत्र में स्वयं व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मानसून सत्र के दौरान कोई भी अधिकारी अपना फोन बंद नही रखेंगे और किसी भी क्षेत्र में कोई भी घटना होने पर तत्काल इसकी सूचना कंट्रोल रूम व संबंधित विभाग को उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने सड़क निर्माणदायी संस्थाओं को भूस्खलन क्षेत्रों के पास जेसीबी और पर्याप्त मैन पावर की तैनाती के लिए योजना तैयार करने, जेसीबी ऑपरेटर, अवर अभियंता व सहायक अभियंता के फोन नंबर उपलब्ध कराने आदि के निर्देश दिए। खाद्य पूर्ति विभाग के अधिकारियों को आगामी तीन माह की रसद और ईंधन के भंडारण के लिए कार्रवाई के लिए कहा गया। बैठक में सीडीओ हंसादत्त पांडे, एडीएम एमएस बर्निया, सीएमओ डा. एके डिमरी, डीएफओ अमित कंवर, मुख्य कोषाधिकारी वीरेंद्र कुमार, एसडीएम बुशरा अंसारी, केएस नेगी, देवानंद शर्मा के साथ ही सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
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नदी किनारे निर्मित भवन होंगे चिह्नित
रुद्रप्रयाग। मानसून सीजन से निपटने के लिए जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों की बैठक ली और 25 मई तक अपनी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नदी किनारे बने आवासीय व सरकारी भवनों को चिह्नित करने के आदेश राजस्व विभाग केे दिए।
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बैठक में डीएम मंगेश घिल्डियाल ने जिले में तैनात सभी एसडीएम से मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त संपत्तियों का संबंधित अधिकारी के साथ निरीक्षण कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा। साथ ही नदी किनारे बने भवनों के स्वामियों के नाम व मोबाइल नंबर 25 मई तक उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने आपदा के दौरान भवन, फसल क्षति व अन्य प्रभावित मामलों का मुआवजा मौके पर ही बांटने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि बरसात में मार्ग बंद होने के दौरान यात्रियों के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था भी करें। बैठक में सीडीओ एनएस रावत, एडीएम अरविंद पांडे, डीएफओ मयंक शेखर झा, सीएमओ डा. एसके झा, एसडीएम देवमूर्ति यादव, बृजेश तिवाड़ी, परमानंद राम समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
आपात स्थिति से निपटने को तैयार रहें अधिकारी
पौड़ी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के लिए भू-कटाव व जलभराव स्थल पहले ही चिह्नित कर लें। जिला मुख्यालय पौड़ी में डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने दैवी आपदा से जुटे विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि आपदा की सूचना मिलने पर आपदा प्रबंधन तंत्र हमेशा तैयार रहे। उन्होंने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को आपदा में क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं और पेयजल से जुड़ी समस्याओं की सूची प्राथमिकता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ दीप्ति सिंह, एडीएम डा. एसके बरनवाल, एसडीएम सदर योगेश सिंह, कोटद्वार मनीष सिंह, श्रीनगर दीपेंद्र नेगी, यमकेश्वर एसएस राणा, लैंसडौन अर्पणा ढौडियाल, डीएफओ लक्ष्मण सिंह रावत व आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला आदि मौजूद थे।