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38 लोगों को कोर्ट में पेश होने का समन जारी
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गैरसैंण। भराड़ीसैंण में दो साल पहले संपन्न विधानसभा सत्र के दौरान विरोध प्रदर्शन करने वाले 38 आंदोलनकारियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट गैरसैंण की अदालत ने तीन मई को कोर्ट में पेश होने के समन जारी किए हैं। इनमें 24 महिलाएं शामिल हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता केएस बिष्ट ने बताया कि मार्च 2017 में भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र संचालित किया गया था। तब क्षेत्र के लोगों और राज्य आंदोलनकारियों ने राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाने के लिए आंदोलन किया था। पुलिस ने 38 आंदोलनकारियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, कर्णप्रयाग-रानीखेत हाइवे बाधित करने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। अब न्यायिक मजिस्ट्रेट गैरसैंण अमित भट्ट की अदालत ने सभी 38 आंदोलनकारियों को तीन मई को कोर्ट में पेश होने के समन जारी किए हैं। इनमें संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह, ब्लाक प्रमुख सुमति बिष्ट, व्यापार संघ एवं गैरसैंण कांग्रेस नगर अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी पूरन सिंह नेगी, धूमादेवी, राम उप्रेती, सभासद सरोज शाह, कृष्णा नेगी, कमला, काशी, कुलदीप आदि शामिल हैं।
अधिवक्ता केएस बिष्ट ने कहा कि वे राज्य की राजधानी गैरसैंण के लिए किए गए आंदोलन के दौरान मुकदमे में फंसाए गए लोगों की निशुल्क पैरवी करेंगे। उधर, आंदोलनकारियों ने कहा कि शहीदों का सपना राज्य बनाने के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगा। उन्होंने शहीदों की भावनाओं के अनुरूप गैरसैंण को राज्य की स्थायी राजधानी बनाने के लिए आंदोलन किया था। सरकार ने उनकी मांग पर तो सुनवाई नहीं की, लेकिन इसके विपरीत उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए गए। आंदोलनकारियों ने कहा कि स्थायी राजधानी गैरसैंण की खातिर वे हर प्रकार की यातना सहने को तैयार हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता केएस बिष्ट ने बताया कि मार्च 2017 में भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र संचालित किया गया था। तब क्षेत्र के लोगों और राज्य आंदोलनकारियों ने राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाने के लिए आंदोलन किया था। पुलिस ने 38 आंदोलनकारियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, कर्णप्रयाग-रानीखेत हाइवे बाधित करने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। अब न्यायिक मजिस्ट्रेट गैरसैंण अमित भट्ट की अदालत ने सभी 38 आंदोलनकारियों को तीन मई को कोर्ट में पेश होने के समन जारी किए हैं। इनमें संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह, ब्लाक प्रमुख सुमति बिष्ट, व्यापार संघ एवं गैरसैंण कांग्रेस नगर अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी पूरन सिंह नेगी, धूमादेवी, राम उप्रेती, सभासद सरोज शाह, कृष्णा नेगी, कमला, काशी, कुलदीप आदि शामिल हैं।
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अधिवक्ता केएस बिष्ट ने कहा कि वे राज्य की राजधानी गैरसैंण के लिए किए गए आंदोलन के दौरान मुकदमे में फंसाए गए लोगों की निशुल्क पैरवी करेंगे। उधर, आंदोलनकारियों ने कहा कि शहीदों का सपना राज्य बनाने के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगा। उन्होंने शहीदों की भावनाओं के अनुरूप गैरसैंण को राज्य की स्थायी राजधानी बनाने के लिए आंदोलन किया था। सरकार ने उनकी मांग पर तो सुनवाई नहीं की, लेकिन इसके विपरीत उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर दिए गए। आंदोलनकारियों ने कहा कि स्थायी राजधानी गैरसैंण की खातिर वे हर प्रकार की यातना सहने को तैयार हैं।
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