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बर्फबारी से चमोली जिले की 11 सड़कें बंद
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बारिश और बर्फबारी से चमोली जिले में 11 सड़कें अभी भी अवरुद्ध पड़ी हैं, जिसके चलते ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ रही है।
बीते बुधवार रात से बारिश और बर्फबारी शुरू हो गई थी। शुक्रवार तक हुई बर्फबारी से जिले के कई गांव बर्फ से ढक गए। साथ ही गांवों के संपर्क मार्ग भी बर्फ के कारण बंद पड़े हैं। जोशीमठ-औली, घाट-सुतोल-कनोल, घाट-सुंग-रामणी, दिवालीखाल-भराड़ीसैंण, ग्वालदम-नंदकेशरी, तेली-गेंलुम, कर्णप्रयाग-नौटी-पैठाणी, लंगसी-मोल्टा, कुनारबैंड-घेस, खेता-तोरती और मंडल-चोपता मार्ग बंद पड़े हुए हैं। यह मार्ग लोनिवि, पीएमजीएसवाई और आरडब्लूडी के पास हैं, जबकि मंडल-चोपता मार्ग एनएच खंड रुद्रप्रयाग के पास है। सड़कें बंद होने से ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि डीएम की ओर से सभी सड़कों को खोलने के निर्देश संबंधित विभागों को दे दिए गए हैं। जल्द सड़कों को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि शनिवार को मौसम साफ रहा और जिले में चटख धूप खिली रही, जिससे ठंड से कुछ राहत मिली। हालांकि सुबह और शाम को ठंड का प्रकोप जारी रहा।
केदारनाथ समेत ऊंचाई वाले क्षेत्र बर्फ से अब भी लकदक
रुद्रप्रयाग। जिला मुख्यालय सहित केदारनाथ समेत पूरे जिले में मौसम सुहावना रहा और चटक धूप खिली रही। उधर, केदारनाथ में अब भी 16 फीट से अधिक बर्फ जमा है। साथ ही मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ भी लकदक हैं।
दो दिन की बारिश व बर्फबारी के बाद शनिवार सुबह से मौसम साफ रहा। धाम में कुछ साधु-संत ही मौजूद हैं। उधर, मद्महेश्वर, तुंगनाथ, चंद्रशिला, चोपता, बनियाकुंड, दुगलबिट्टा, कालशिला, हरियाली कांठा, घिमतोली में भी बर्फ से लकदक हो रखे हैं। दूसरी तरफ, जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग समेत जिले के निचले इलाकों में दिनभर चटक धूप खिली रही, जिससे लोगों को ठंड से राहत मिली। वहीं, हिमच्छादित त्रियुगीनारायण, तोषी, चौमासी, गौंडार, जाल मल्ला व तल्ला, ब्यूंखी, स्यासूगढ़, चंद्रनगर, चोपता, बनियाकुंड, मक्कू, मस्तूरा, गौरीकुंड आदि गांवों में बर्फ तेजी से पिघल रही है। संवाद
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फोटो
कर्णप्रयाग-रानीखेत हाईवे तीसरे दिन खुला
हाईवे खुलने के बाद मतदान कर्मियों ने पोस्टल बैलेट से करवाया मतदान
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। बर्फबारी के कारण तीन दिनों से बंद कर्णप्रयाग-रानीखेत हाईवे कड़ी मशक्कत के बाद वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। हाईवे खुलने पर वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं, हाईवे खुलने के बाद मतदान कर्मियों ने बुजुर्ग और दिव्यांग लोगों का पोस्टल बैलेट से मतदान भी करवाया।
तीन फरवरी को पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और हिमपात होने से जंगलचट्टी से लेकर दिवालीखाल से आगे तक कर्णप्रयाग-रानीखेत हाईवे बर्फ से ढक गया था, जिससे आठ पोलिंग पार्टियां गैरसैंण क्षेत्र में पोस्टल मतदान भी नहीं करवा पाई थीं। साथ ही लोगों को बर्फ में करीब आठ किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा था और हाईवे के दोनों तरफ तीन दिनों तक करीब 30 वाहन फंसे रहे। नेशनल हाईवे ने चार जेसीबी लगाकर करीब आठ किलोमीटर के दायरे से शनिवार दोपहर तक बर्फ हटाकर यातायात बहाल कर दिया। शनिवार को गोपेश्वर से आठ पोलिंग पार्टियों ने गैरसैंण क्षेत्र में पहुंचकर दिव्यांगों और बुजुर्ग लोगों से पोस्टल बैलेट से मतदान करवाया। हाईवे खुलने के बाद वहां फंसे सभी वाहनों को रवाना कर दिया गया है। दिवालीखाल-भराड़ीसैंण मार्ग अभी भी हिमपात से बंद है। भराड़ीसैंण से कर्णप्रयाग, गैरसैंण, आदिबदरी को होने वाली दूध की सप्लाई भी बंद है।
कोट
कर्णप्रयाग-रानीखेत हाईवे पर जंगलचट्टी से दिवालीखाल तक बर्फ हटा दी गई है। उसके बाद पोलिंग पार्टियों की आठ टीमों ने गैरसैंण क्षेत्र में पोस्टल मतदान करवाया। वहां फंसे सभी वाहनों को गंतव्यों की ओर रवाना करवा दिया गया है। - संतोष कुमार पांडेय, एसडीएम कर्णप्रयाग/गैरसैंण।
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बीते बुधवार रात से बारिश और बर्फबारी शुरू हो गई थी। शुक्रवार तक हुई बर्फबारी से जिले के कई गांव बर्फ से ढक गए। साथ ही गांवों के संपर्क मार्ग भी बर्फ के कारण बंद पड़े हैं। जोशीमठ-औली, घाट-सुतोल-कनोल, घाट-सुंग-रामणी, दिवालीखाल-भराड़ीसैंण, ग्वालदम-नंदकेशरी, तेली-गेंलुम, कर्णप्रयाग-नौटी-पैठाणी, लंगसी-मोल्टा, कुनारबैंड-घेस, खेता-तोरती और मंडल-चोपता मार्ग बंद पड़े हुए हैं। यह मार्ग लोनिवि, पीएमजीएसवाई और आरडब्लूडी के पास हैं, जबकि मंडल-चोपता मार्ग एनएच खंड रुद्रप्रयाग के पास है। सड़कें बंद होने से ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि डीएम की ओर से सभी सड़कों को खोलने के निर्देश संबंधित विभागों को दे दिए गए हैं। जल्द सड़कों को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि शनिवार को मौसम साफ रहा और जिले में चटख धूप खिली रही, जिससे ठंड से कुछ राहत मिली। हालांकि सुबह और शाम को ठंड का प्रकोप जारी रहा।
केदारनाथ समेत ऊंचाई वाले क्षेत्र बर्फ से अब भी लकदक
रुद्रप्रयाग। जिला मुख्यालय सहित केदारनाथ समेत पूरे जिले में मौसम सुहावना रहा और चटक धूप खिली रही। उधर, केदारनाथ में अब भी 16 फीट से अधिक बर्फ जमा है। साथ ही मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ भी लकदक हैं।
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दो दिन की बारिश व बर्फबारी के बाद शनिवार सुबह से मौसम साफ रहा। धाम में कुछ साधु-संत ही मौजूद हैं। उधर, मद्महेश्वर, तुंगनाथ, चंद्रशिला, चोपता, बनियाकुंड, दुगलबिट्टा, कालशिला, हरियाली कांठा, घिमतोली में भी बर्फ से लकदक हो रखे हैं। दूसरी तरफ, जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग समेत जिले के निचले इलाकों में दिनभर चटक धूप खिली रही, जिससे लोगों को ठंड से राहत मिली। वहीं, हिमच्छादित त्रियुगीनारायण, तोषी, चौमासी, गौंडार, जाल मल्ला व तल्ला, ब्यूंखी, स्यासूगढ़, चंद्रनगर, चोपता, बनियाकुंड, मक्कू, मस्तूरा, गौरीकुंड आदि गांवों में बर्फ तेजी से पिघल रही है। संवाद
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कर्णप्रयाग-रानीखेत हाईवे तीसरे दिन खुला
हाईवे खुलने के बाद मतदान कर्मियों ने पोस्टल बैलेट से करवाया मतदान
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग। बर्फबारी के कारण तीन दिनों से बंद कर्णप्रयाग-रानीखेत हाईवे कड़ी मशक्कत के बाद वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। हाईवे खुलने पर वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं, हाईवे खुलने के बाद मतदान कर्मियों ने बुजुर्ग और दिव्यांग लोगों का पोस्टल बैलेट से मतदान भी करवाया।
तीन फरवरी को पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और हिमपात होने से जंगलचट्टी से लेकर दिवालीखाल से आगे तक कर्णप्रयाग-रानीखेत हाईवे बर्फ से ढक गया था, जिससे आठ पोलिंग पार्टियां गैरसैंण क्षेत्र में पोस्टल मतदान भी नहीं करवा पाई थीं। साथ ही लोगों को बर्फ में करीब आठ किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा था और हाईवे के दोनों तरफ तीन दिनों तक करीब 30 वाहन फंसे रहे। नेशनल हाईवे ने चार जेसीबी लगाकर करीब आठ किलोमीटर के दायरे से शनिवार दोपहर तक बर्फ हटाकर यातायात बहाल कर दिया। शनिवार को गोपेश्वर से आठ पोलिंग पार्टियों ने गैरसैंण क्षेत्र में पहुंचकर दिव्यांगों और बुजुर्ग लोगों से पोस्टल बैलेट से मतदान करवाया। हाईवे खुलने के बाद वहां फंसे सभी वाहनों को रवाना कर दिया गया है। दिवालीखाल-भराड़ीसैंण मार्ग अभी भी हिमपात से बंद है। भराड़ीसैंण से कर्णप्रयाग, गैरसैंण, आदिबदरी को होने वाली दूध की सप्लाई भी बंद है।
कोट
कर्णप्रयाग-रानीखेत हाईवे पर जंगलचट्टी से दिवालीखाल तक बर्फ हटा दी गई है। उसके बाद पोलिंग पार्टियों की आठ टीमों ने गैरसैंण क्षेत्र में पोस्टल मतदान करवाया। वहां फंसे सभी वाहनों को गंतव्यों की ओर रवाना करवा दिया गया है। - संतोष कुमार पांडेय, एसडीएम कर्णप्रयाग/गैरसैंण।