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10 साल से नहीं हुई संतान, नेट में पढ़कर पहुंची माता के द्वार

Tue, 13 Dec 2016 10:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर)
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर) Updated Tue, 13 Dec 2016 10:15 PM IST
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10 years had children, the mother came to the door of the net, reading
माता अनसूया से मिलने पहुंची मां ज्वाला के दर्शनों को उमड़ी भक्तों की भीड़। - फोटो : Amar Ujala
संतान उत्पत्ति की कामना को देश के अलग-अलग कौने से 229 निसंतान दंपतियां अनसूया माता के आगे नतमस्तक हुई। दंपतियों ने रातभर माता की अराधना करके संतान की कामना की। इनमें उत्तराखंड के अलावा मुंबई, गुजरात, पंजाब सहित मैदानी व पहाड़ी क्षेत्रों के दंपति मौजूद रहे।
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संतान प्राप्ति को लेकर पंजाब से आई मोहिनी ने बताया कि उनकी शादी को 10 साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी संतान नहीं हुई। माता अनसूया के बारे में उन्होंने इंटरनेट पर जानकारी ली। पुत्र की कामना को लेकर वह गोपेश्वर के मंडलघाटी स्थित अनसूया माता मंदिर पहुंची।
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गुजरात की रहने वाली रश्मि सक्सेना ने बताया कि उनकी शादी के सात साल बाद भी जब संतान प्राप्ति नहीं हुई तो वह इसी कामना से माता के पास पहुंची है कि माता उसकी झोली भरेगी। मुंबई निवासी मुनमुन ने बताया कि वह माता अनसूया के मंदिर में पुत्र कामना लेकर पहुंची है। हूं। माता पुत्र दायिनी है। पहली बार यहां आई हूं।
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माता हमारी मनोकामना जरुर पूरी कर देगी। हमें यहां के बारे में किसी परिचित ने बताया तो माता के चरणों में पहुंच गए। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भी रात्रि जागरण कर भजन-कीर्तन किए। मुख्य मंदिर में पहुंची बणद्वारा, सगर, देवलधार, खल्ला और कठूड़ गांवों की देव डोलियां भी अपनी बहन अनसूया से विदा लेकर देर सांय अपने-अपने स्थान के लिए लौट आई हैं।

इसी के साथ दो दिवसीय माता अनसूया मेला भी संपन्न हो गया है। निसंतान दंपतियों और देवी भक्तों का सोमवार रात नौ बजे तक भी मंदिर में पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। रात ठीक साढ़े नौ बजे निसंतान दंपतियों को मंदिर के ही समीप एक हॉल में बैठाया गया। अनसूया माता के पुजारी ने निसंतान दंपतियों की ओर से सामूहिक संकल्प पूजा संपन्न की।

मेले में रात्रि जागरण के दौरान भजन-कीर्तनों की धूम मची रही। जागर गायिका पवित्रा टम्टा ने माता अनसूया के जागर और गढ़वाली भजनों की शानदार प्रस्तुति दी। रुपकुंड लोक सांस्कृतिक कला मंच के लोक कलाकार किशन सिंह दानू ने मां नंदा के जागर, माता अनसूया तेरी जय-जयकार हो..., नंदुली चला चल...नंदा तेरी जात कैलाश पौंछी गे..जैसे गढ़वाली भजन व गीतों की शानदार प्रस्तुति दी।


अनसूया मंदिर के ठीक पीछे श्री अत्री अनसूया दत्तात्रेय शक्ति फाउंडेशन की ओर से देवी भक्तों और निसंतान दंपतियों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस मौके पर अनसूया देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष बीएस झिंक्वाण, पूर्व प्रमुख भगत सिंह बिष्ट आदि मौजूद थे।
 
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