राष्ट्रपति शासन लागू होने के साथ PMGSY की 189 परियोजनाओं को केंद्र की मंजूरी
- योजना के तहत 182 सड़कों के अलावा सात पुलों का होगा निर्माण
- सड़कों, पुलों के निर्माण पर खर्च होंगे 989.96 करोड़ रुपये
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के साथ ही केंद्र राज्य के लोगों पर मेहरबान नजर आ रही है। केंद्र ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत 189 परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है।
दो दिन पूर्व दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में परियोजनाओं को मंजूरी देने के साथ ही निर्माण कार्यों के लिए 989.96 करोड़ के बजट की भी मंजूरी दी।
अपर सचिव/पीएमजीएसवाई सीईओ अरविंद सिंह हयांकी ने बताया कि परियोजनाओं का मसौदा तैयार कर केंद्र को पहले ही भेजा गया था। जिसे केंद्र ने मंजूरी देने के साथ ही बजट आवंटित करने की बात कही है। बताया कि 189 परियोजनाओं में 182 सड़के और नौ बड़े पुल शामिल हैं।
परियोजनाओं को मिली मंजूरी, अब बजट का इंतजार
परियोजनाओं को पूरा होने के बाद सूबे के विभिन्न इलाकों में 205 से अधिक आबादी वाले 211 गांवों को आपस में जोड़ा जा सकेगा। जबकि 81 गांवों को अपरोक्ष रूप से योजनाओं का लाभ मिलेगा।
परियोजनाओं की मंजूरी के साथ ही अब बजट मिलने का इंतजार है। बजट मिलते ही टेंडर आमंत्रित कर परियोजनाओं पर काम शुरू कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि सूबे के विभिन्न इलाकों में तमाम ऐसे गांव है जहां आजादी के कई दशक बाद भी आवाजाही की कोई माकूल सुविधा नहीं है।
सड़कें और पुल नहीं होने से लोगों को मुसीबतों का सामना करना होता है। ऐसे गांवों को सड़कों को जोड़ने के लिए केंद्र की पीएमजीएसवाई के अलावा राज्य सरकार की ओर से कई योजनाएं संचालित की जा रही है। लेकिन, बजट की कमी के चलते तमाम योजनाएं परवान नहीं चढ़ पा रही है।