उत्तराखंडः सड़क बनाते वक्त देवप्रयाग में मिली रहस्यमयी गुफा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड के देवप्रयाग से करीब सात किलोमीटर दूर देवप्रयाग-हिंडोलाखाल मार्ग पर स्थित महड़ गांव में सड़क निर्माण के दौरान एक रहस्यमयी गुफा मिली है।
गुफा में शिवलिंग, भगवान गणेश और शेषनाग की आकृति लोगों के लिए कौतूहल का विषय बनी है। ग्रामीण इसे ईश्वर का चमत्कार मानकर पूजा-अर्चना करने पहुंच रहे हैं। लोक निर्माण विभाग इन दिनों देवप्रयाग-हिंडोलाखाल मार्ग का सुधार कार्य करवा रहा है।
मंगलवार देर शाम राजकीय इंटर कालेज महडजाली के पीछे पुश्ते का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान जेसीबी आपरेटर ने पहाड़ी काटनी शुरू की, तो मिट्टी हटते ही एक गुफा दिखाई दी। इसके अंदर दो शिवलिंग, भगवान गणेश की दो प्रतिमाएं और शेषनाग की आकृति मौजूद थीं।
धूपबत्ती, तिलक लगाकर पूजा-अर्चना कर रहे लोग
लोनिवि कर्मी राम सिंह ने तत्काल काम रुकवा दिया। गुफा मिलने की खबर सुनकर महड़ और आसपास के किनखोला, कांडी गुसाईं गांव और जगती सहित अन्य गांवों के लोग मौके पर पहुंचे।
लोगों ने देवताओं की आकृति वाली शिलाओं की सफाई और धूपबत्ती, तिलक लगाकर पूजा-अर्चना शुरू कर दी। बुधवार को भी वहां लोगों को तांता लगा रहा।
जिला पंचायत सदस्य जगवीर चौहान, ग्राम प्रधान विनीता डबराल, भाजपा मंडल अध्यक्ष मोर सिंह और क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मी चौहान ने बताया कि प्राचीनकाल में महड़ गांव भगवान का क्षेत्र माना गया है।
यहां भगवान रघुनाथ, नागराजा, व पांडवों के प्राचीन मंदिर स्थित हैं। उन्होंने पुरातत्व विभाग से क्षेत्र का व्यापक सर्वेक्षण कर संरक्षण की मांग की। इधर, प्रभारी तहसीलदार सोबन सिंह बागडी ने बताया कि गुफा निकलने की घटना की उन्हें जानकारी नहीं है।