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उत्तराखंड में बसपा के दांव से ठगी रह गई भाजपा
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Wed, 11 May 2016 11:23 PM IST
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अजय भट्ट
- फोटो : AmarUjala
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जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने के लिए कांग्रेस को रोकने के प्रयासों में बसपा को बिना मांगे ही समर्थन देने की घोषणा करने वाली भाजपा बदले समीकरणों में खुद को ठगा सा महसूस कर रही है। हालात कुछ इस तरह बदले कि बसपा को समर्थन लेने की जरूरत ही नहीं पड़ी।
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पिछले वर्ष दिसंबर और इस साल जनवरी में तीन चरणों में पंचायत के चुनाव में जनता ने भाजपा को करारा झटका दिया था। 47 में से भाजपा के केवल तीन ही प्रत्याशी जीतकर आए थे। ऐसे में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद की दौड़ से भाजपा पहले ही बाहर हो गई थी।
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इस बार बदले थे हालात
अध्यक्ष पद के पिछले दो चुनाव में भाजपा बसपा का ही समर्थन करती रही है तब स्थिति ऐसी थी कि बसपा को भी समर्थन लेने के लिए प्रयास करना पड़ता था लेकिन इस बार ऐसी भी स्थिति नहीं बनी चूंकि अधिकतर 17 सदस्य निर्दलीय जीतकर आए थे। बसपा का गणित इनमें ही सेंध लगाकर पूरा होने की संभावना थी।
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ऐसे में भाजपा जब अंत तक भी इस चुनाव में अपनी भूमिका तय नहीं कर पाई तो बिना मांगे ही बसपा को समर्थन देने की घोषणा कर दी गई। जिलाध्यक्ष सुरेश राठौर तो पहले से ही बसपा के साथ खड़े होने का संकेत दे रहे थे।
खुद प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने सोमवार को हरिद्वार में बसपा को समर्थन देने की घोषणा की थी लेकिन रातों रात बदले राजनीतिक समीकरण के चलते यह समर्थन भी बेकार चला गया। कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के सामने से अपना प्रत्याशी हटाकर बसपा ने भाजपा को करारा झटका दिया।