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पाकिस्तान ही नहीं, भूंकप से भुज में भी बना था टापू
प्रवेश कुमारी/अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 26 Sep 2013 01:58 AM IST
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पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में आए 7.7 के भूकंप की वजह से ग्वादर तट के पास अरब सागर में द्वीप बनने की बात सामने आई है।
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सच तो यह है कि हिंदुस्तान में तकरीबन दो सौ साल पहले 1819 में गुजरात के भुज में भी भूकंप से टापू बन चुका है। वहां का अल्लाह डैम भूकंप की ही वजह से अस्तित्व में आया।
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7.8 से अधिक तीव्रता के भूकंप से ऐसा होना संभव
दून के वाडिया हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों की मानें तो रिक्टर पैमाने पर 7.8 से अधिक तीव्रता के भूकंप से ऐसा होना संभव है।
इसके पीछे कारण जमीन के भीतर प्लेटों के बीच दरार को माना जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्लेटें लगातार मूवमेंट करती हैं। कई बार इनकेबीच दरार होती है।
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प्लेटें कई मर्तबा एक-दूसरे के ऊपर
ऐसे में सागर के भीतर अगर साढ़े सात से अधिक तीव्रता और अधिक गहराई का भूकंप आता है तो यह प्लेटें कई मर्तबा एक-दूसरे के ऊपर चढ़ जाती हैं।
अगर प्लेट 6-7 मीटर की भी ऊंचाई ले लेती है तो वह टापू जैसी स्थिति हो जाती है। ऐसा ही कुछ ग्वादर तट के पास अरब सागर में हुआ है।
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निश्चित रूप से रहा होगा थ्रस्ट
जिस जगह भूकंप आया है, निश्चित रूप से वहां थ्रस्ट रहा होगा। ऐसी स्थिति गुजरात ही नहीं, किसी भी ऐसी जगह सामने आ सकती है, जहां बड़ी मात्रा में पानी हो और भूकंप की तीव्रता बहुत अधिक। साथ ही प्लेट्स में दरार। इस पर अध्ययन हो रहा है।
- सुशील कुमार गुप्ता, भूकंप विशेषज्ञ, वाडिया हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान, देहरादून।