नव-संवत्सर वर्ष 2073 की हो गई शुरुआत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नव विक्रमी संवत 2073 की शुरुआत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (शुक्रवार) से हो गई। इस वर्ष के राजा शुक्र और मंत्री बुध हैं। शुक्र के राजा होने से अनुकूल वर्षा और मंत्री बुध होने से पेट्रोलियम वस्तुओं के दाम में तेजी आएगी।
वहीं शुक्रवार को शहरभर में नव वर्ष की खुशियां मनाई गई। इस मौके पर लोगों ने एक-दूसरे को हिंदू नव वर्ष की बधाई दी।
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से निरंजनपुर स्थित आश्रम में नव-संवत्सर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गाय के गोबर और तोरण द्वारों से विशेष साज-सज्जा की गई।
झांकियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की झलकियां प्रस्तुत की गई। दिव्य ज्योति वेद मंदिर के वेदपाठी युवकों की ओर से वेदपाठ किया गया।
नृत्य-नाटिका का हुआ मंचन
कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और महानगर अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने किया। इस मौके पर साध्वी सुभाषा भारती ने भारतीय संस्कृति के उन्नयन के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया।
युवा परिवार सेवा समिति की ओर से नृत्य-नाटिका का मंचन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व वन एवं खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल ने यज्ञशाला का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में प्रकाश सुमन ध्यानी, राकेश बतरा, इंदु नौडियाल, मधु भट्ट आदि उपस्थित थे। गढ़ी कैंट में नव-संवत्सर के उपलक्ष्य में मीठा शर्बत बांटा गया। मंदिरों में भी नव-वर्ष पर विशेष पूजन किया गया।
सोशल साइट्स पर बधाई संदेश
हिंदू नव-संवत्सर के बधाई संदेश सोशल साइट्स पर भी चलते रहे। व्हाट्स एप, फेसबुक, इंस्टाग्राम सभी जगहों पर नव-संवत्सर के शुभकामना संदेश दिए गए थे। नव-संवत्सर और नवरात्र की बधाई दी गई।
हिंदू नव वर्ष के स्वागत में जलाये 101 दीपक
संस्कार भारी की ओर से नव संवत्सर विक्रमी संवत 2073 के अवसर पर हिंदू नव वर्ष का स्वागत में चकराता रोड स्थित विजय पार्क में भजन संध्या का आयोजन किया गया।
इस दौरान संस्था अध्यक्ष सविता कपूर ने हिंदू नव वर्ष मनाने के प्राकृतिक एवं आध्यामिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक रूप से इसके आरंभकर्ता शकरि महाराज विक्रमादित्य थे, इसीलिये इसे विक्रमी संवत् कहा जाता है।
उपाध्यक्ष एसबी सारस्वत ने नव संवत्सर की उपादेयता पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बारे में बताया। इस समय ग्रहों की स्थिति तथा प्रकृति में परिवर्तन होता है। संचालन कर रही सचिव अरुणा चावला ने बताया कि हिंदू नव वर्ष के मौके पर 101 दीपक जलाकर व भजन संध्या का आयोजन किया गया।