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Bageshwar News: रोजगार की तलाश में दिल्ली गए पहाड़ के युवा की बाइक दुर्घटना में मौत
Sat, 19 Sep 2026 11:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 19 Sep 2026 11:49 PM IST
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टटलगांव (रामपुर) में सचिन की मौत की खबर पर बिलखते परिजन।
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। पहाड़ में रोजगार न होने के दंश ने एक और होनहार युवा की जिंदगी छीन ली। चौखुटिया ब्लॉक के टटलगांव (रामपुर) निवासी 20 वर्षीय युवक की दिल्ली के वसंत विहार इलाके में एक भीषण बाइक हादसे में मौत हो गई।
सात साल पहले पिता को खो चुके परिवार की तकदीर बदलने और चार बहनों की शादी की जिम्मेदारी उठाने का सपना देखने वाले सचिन की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, मां और बहनों की चीत्कार से पूरा इलाका दहल उठा। विकासखंड के टटलगांव (रामपुर) निवासी सचिन कुमार (20) की दिल्ली के वसंत विहार क्षेत्र में रहकर एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। शनिवार को एक सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि सचिन ने दुर्घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। जवान बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
आंखों में थे बहनों की शादी के अरमान जो अधूरे रह गए
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। सचिन अपने चार बहनों और दो भाइयों में सबसे छोटा और सबका लाडला था। करीब सात वर्ष पहले उसके पिता अनिल कुमार का असमय निधन हो गया था। पिता की मौत के बाद मां प्रभा देवी ने हार नहीं मानी और दिन-रात सिलाई-कढ़ाई का काम कर बच्चों का पालन-पोषण किया। घर की तंगहाली और मां के संघर्षों को देख सचिन महज 18 वर्ष की उम्र में ही आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने लिए दिल्ली रवाना हो गया था।
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ग्राम प्रधान टटलगांव नीलम रावत ने दुख जताते हुए बताया कि सचिन एक बेहद मेहनती और होनहार लड़का था। वह दिल्ली में नौकरी कर अपनी मां का सहारा बना हुआ था। उसका सबसे बड़ा सपना था कि वह खूब मेहनत करे ताकि अपनी चारों बहनों की शादी धूमधाम से कर सके और परिवार को आर्थिक तंगी के जाल से बाहर निकाल सके लेकिन एक रफ्तार के कहर ने उसके सारे सपनों को पल भर में जमींदोज कर दिया। सचिन की इस असमय मृत्यु से पूरे गांव की आंखें नम हैं। पीड़ित परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है जिसकी भरपाई मुमकिन नहीं है।
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सात साल पहले पिता को खो चुके परिवार की तकदीर बदलने और चार बहनों की शादी की जिम्मेदारी उठाने का सपना देखने वाले सचिन की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, मां और बहनों की चीत्कार से पूरा इलाका दहल उठा। विकासखंड के टटलगांव (रामपुर) निवासी सचिन कुमार (20) की दिल्ली के वसंत विहार क्षेत्र में रहकर एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। शनिवार को एक सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि सचिन ने दुर्घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। जवान बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
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आंखों में थे बहनों की शादी के अरमान जो अधूरे रह गए
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। सचिन अपने चार बहनों और दो भाइयों में सबसे छोटा और सबका लाडला था। करीब सात वर्ष पहले उसके पिता अनिल कुमार का असमय निधन हो गया था। पिता की मौत के बाद मां प्रभा देवी ने हार नहीं मानी और दिन-रात सिलाई-कढ़ाई का काम कर बच्चों का पालन-पोषण किया। घर की तंगहाली और मां के संघर्षों को देख सचिन महज 18 वर्ष की उम्र में ही आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने लिए दिल्ली रवाना हो गया था।
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ग्राम प्रधान टटलगांव नीलम रावत ने दुख जताते हुए बताया कि सचिन एक बेहद मेहनती और होनहार लड़का था। वह दिल्ली में नौकरी कर अपनी मां का सहारा बना हुआ था। उसका सबसे बड़ा सपना था कि वह खूब मेहनत करे ताकि अपनी चारों बहनों की शादी धूमधाम से कर सके और परिवार को आर्थिक तंगी के जाल से बाहर निकाल सके लेकिन एक रफ्तार के कहर ने उसके सारे सपनों को पल भर में जमींदोज कर दिया। सचिन की इस असमय मृत्यु से पूरे गांव की आंखें नम हैं। पीड़ित परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है जिसकी भरपाई मुमकिन नहीं है।