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Bageshwar News: एक्सरे तकनीशियन कर रहे सीटी स्कैन
Thu, 10 Oct 2024 12:05 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Thu, 10 Oct 2024 12:05 AM IST
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बागेश्वर। जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सेंटर तो बन गया, लेकिन मरीजों की जांच करने के लिए तकनीशियन और रेडियोलाॅजिस्ट के पद स्वीकृत नहीं किए गए हैं। एक्सरे तकनीशियन व्यवस्था के तौर पर मरीजों की जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के लिए एक दिन का इंतजार करना पड़ता है।
विगत 14 जून 2024 को जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सेंटर का शुभारंभ हुआ था। साढ़े तीन महीनों के अंतराल के बाद भी विभाग सीटी स्कैन सेंटर के लिए कर्मचारियों के पद स्वीकृत नहीं कर पाया है। अस्पताल में रोजाना एक-दो मरीज जांच के लिए पहुंच रहे हैं। मरीजों की जांच और रिपोर्ट बनाने के लिए अस्पताल में न तो तकनीशियन है और न ही रेडियोलॉजिस्ट। एक्सरे तकनीशियन मशीन का संचालन कर मरीजों की जांच कर रहे हैं। जबकि अस्पताल में दो एक्सरे तकनीशियन के पद भी रिक्त पड़े हैं।
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार एक मरीज की नार्मल सीटी स्कैन जांच करने में आधा घंटा और सीईसीटी जांच करने में डेढ़ घंटे तक का समय लगता है। अस्पताल में मरीजों की केवल जांच की जा रही है। पीपीपी मोड पर सुविधा का संचालन किया जा रहा है। यानी अस्पताल से एक्सरे तकनीशियन व्यवस्था के तौर पर मरीजों की जांच कर हैं और निजी संस्था मरीज की रिपोर्ट बना रही है।
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विभाग ने अस्पताल में सुविधाओं का विस्तारीकरण तो किया लेकिन इन सुविधाओं के संचालन के लिए एक भी कर्मचारी की तैनाती अस्पताल में नहीं की। बागेश्वर जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. एसपी त्रिपाठी का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की स्वीकृति के बाद ही जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया गया है। अस्पताल में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से मरीजों को जांच और उपचार की सेवा दी जा रही है। पद स्वीकृत निदेशालय से किए जाते हैं।
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विगत 14 जून 2024 को जिला अस्पताल में सीटी स्कैन सेंटर का शुभारंभ हुआ था। साढ़े तीन महीनों के अंतराल के बाद भी विभाग सीटी स्कैन सेंटर के लिए कर्मचारियों के पद स्वीकृत नहीं कर पाया है। अस्पताल में रोजाना एक-दो मरीज जांच के लिए पहुंच रहे हैं। मरीजों की जांच और रिपोर्ट बनाने के लिए अस्पताल में न तो तकनीशियन है और न ही रेडियोलॉजिस्ट। एक्सरे तकनीशियन मशीन का संचालन कर मरीजों की जांच कर रहे हैं। जबकि अस्पताल में दो एक्सरे तकनीशियन के पद भी रिक्त पड़े हैं।
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अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार एक मरीज की नार्मल सीटी स्कैन जांच करने में आधा घंटा और सीईसीटी जांच करने में डेढ़ घंटे तक का समय लगता है। अस्पताल में मरीजों की केवल जांच की जा रही है। पीपीपी मोड पर सुविधा का संचालन किया जा रहा है। यानी अस्पताल से एक्सरे तकनीशियन व्यवस्था के तौर पर मरीजों की जांच कर हैं और निजी संस्था मरीज की रिपोर्ट बना रही है।
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विभाग ने अस्पताल में सुविधाओं का विस्तारीकरण तो किया लेकिन इन सुविधाओं के संचालन के लिए एक भी कर्मचारी की तैनाती अस्पताल में नहीं की। बागेश्वर जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. एसपी त्रिपाठी का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की स्वीकृति के बाद ही जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया गया है। अस्पताल में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से मरीजों को जांच और उपचार की सेवा दी जा रही है। पद स्वीकृत निदेशालय से किए जाते हैं।