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Bageshwar News: जेहन पर जख्म...जिंदा बचा लेकिन अपनी दुनिया में नहीं लाैट पाया गुमसुम पवन

Tue, 02 Sep 2025 12:27 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Tue, 02 Sep 2025 12:27 AM IST
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Wound on the mind... Silent Pawan survived but could not return to his world
बागेश्वर के जिला अस्पताल में भर्ती पवन जोशी। संवाद
बागेश्वर। पौंसारी गांव की आपदा से जिंदा बचा 15 वर्षीय पवन जोशी जिंदगी की जंग लड़ रहा है। उसके सामने पूरा परिवार मलबे में समा गया। मां, पिता की मौत हो गई और छोटा भाई गिरीश अब तक लापता है। जिंदगी बच जाने के बावजूद पवन का मनोबल टूट चुका है। सदमे ने उसकी आवाज़ छीन ली है। वह किसी से बात नहीं करता। सिर्फ गुमसुम होकर छत को ताकता रहता है।
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पौंसारी गांव आज भी खामोश है। कहीं मलबा है, कहीं चीखों की गूंज अब भी कानों में पड़ती है। इस त्रासदी ने एक परिवार ही नहीं पूरे गांव के बच्चों के मन में डर बो दिया है। पवन की खामोशी उस दर्द की गवाही है जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं।
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28 अगस्त की रात खाईइजर तोक में बने दो मकान मलबे की भेंट चढ़ गए थे। पवन बाल-बाल बच गया लेकिन उसका मानसिक संतुलन बिगड़ता जा रहा है।
29 अगस्त से वह जिला अस्पताल में भर्ती था। फिजिशियन डॉ. प्रीति यादव की देखरेख में उसका इलाज चल रहा था। अस्पताल में मनोचिकित्सक न होने और भीड़भाड़ से उसकी हालत और खराब हो गई। आखिरकार डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।
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