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कार्यशाला में छात्र-छात्राओं ने तैयार किए विज्ञान के मॉडल
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बागेश्वर के राइंका मंडलसेरा में आयोजित विज्ञान कार्यशाला में मॉडल निर्माण के गुर सीखते विद्यार
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। राइंका मंडलसेरा में अनुभव आधारित विज्ञान कार्यशाला के दूसरे दिन छात्र-छात्राओं ने विभिन्न मॉडलों का निर्माण करना सीखा। मुख्य संदर्भदाता आशुतोष उपाध्याय ने सीखने की कला के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से हर पल मन में सीखने की जिज्ञासा कायम रखने और रोजाना कुछ नया सीखने की प्रवृत्ति का विकास करने को कहा। कार्यशाला में 80 विद्यार्थियों और 10 शिक्षकों ने भागीदारी की।
कार्यशाला के दूसरे दिन का शुभारंभ करते हुए मुख्य संदर्भदाता उपाध्याय ने कहा कि केवल स्कूली शिक्षा से ही इस कला को विकसित नहीं किया जा सकता, समाज में भी सीखने का माहौल तैयार करना होगा। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने जिद्दी गुड्डा, चुंबकीय ट्रेन, बोतल का फव्वारा, चुंबक का डांस, विद्युत मोटर, सोलर हाउस, चांद-तारे, सौरमंडल, सूर्य और चंद्र की गति, प्रकाश का पथ आदि के मॉडल तैयार किए।
डायट के प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र धपोला और प्रधानाचार्य डॉ. केवलानंद कांडपाल ने बाल वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया। वहां पर आशीष कांडपाल, हरीश जोशी, कैलाश प्रकाश चंदोला, मोहन सिंह धामी, इंद्रा धपोला, मुकुल भाकुनी, राकेश जोशी, पूरन चंद्र भट्ट आदि थे।
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कार्यशाला के दूसरे दिन का शुभारंभ करते हुए मुख्य संदर्भदाता उपाध्याय ने कहा कि केवल स्कूली शिक्षा से ही इस कला को विकसित नहीं किया जा सकता, समाज में भी सीखने का माहौल तैयार करना होगा। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने जिद्दी गुड्डा, चुंबकीय ट्रेन, बोतल का फव्वारा, चुंबक का डांस, विद्युत मोटर, सोलर हाउस, चांद-तारे, सौरमंडल, सूर्य और चंद्र की गति, प्रकाश का पथ आदि के मॉडल तैयार किए।
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डायट के प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र धपोला और प्रधानाचार्य डॉ. केवलानंद कांडपाल ने बाल वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया। वहां पर आशीष कांडपाल, हरीश जोशी, कैलाश प्रकाश चंदोला, मोहन सिंह धामी, इंद्रा धपोला, मुकुल भाकुनी, राकेश जोशी, पूरन चंद्र भट्ट आदि थे।
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