{"_id":"590472ce4f1c1bbf18c0be7a","slug":"women-s-runs-on-alcohol-contracts-running-in-the-roof","type":"story","status":"publish","title_hn":"छप्पर में चल रहे शराब ठेके पर महिलाओं का धावा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छप्पर में चल रहे शराब ठेके पर महिलाओं का धावा
bageshwar
Updated Sat, 29 Apr 2017 10:47 PM IST
विज्ञापन
शराब का विरोध करती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांडा में महिलाओं के विरोध के बावजूद ठेकेदार ने छप्पर बनाकर शराब की बिक्री शुरू कर दी। इससे गुस्साई महिलाओं ने मौके पर पहुंचकर छप्पर को तोड़ दिया और शराब की पेटियां जब्त कर लीं। पुलिस के समझाने पर क्षेत्र में ठेका नहीं खोलने की हिदायत के साथ महिलाओं ने ठेकेदार को शराब वापस लौटा दी।
विज्ञापन
कांडा क्षेत्र में शराब की दुकान खोलने का जबरदस्त विरोध हो रहा है। ठेकेदार ने प्रशासन की अनुमति के बाद शुक्रवार की देर शाम कांडा पड़ाव को जाने वाली सड़क किनारे छप्पर बनाकर ठेके का संचालन शुरू कर दिया। इसकी भनक लगते ही शनिवार की सुबह महिलाओं ने मौके पर पहुंचकर छप्पर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। मौके पर रखी गई सभी शराब की पेटियां भी महिलाओं ने जब्त कर लीं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पूरे क्षेत्र की जनता के विरोध के बाद भी कांडा में शराब की दुकान खोली जा रही है। महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ भी नाराजगी जताई। नाराज महिलाओं ने कहा कि कांडा-कमस्यार क्षेत्र में शराब का प्रचलन बढ़ने से कई परिवार बर्बाद हो गए हैं। मजदूर अपनी मेहनत की कमाई शराब में उड़ा देता है। इस क्षेत्र में शराब की दुकान किसी भी सूरत में नहीं खोलने की दी जाएगी। महिलाओं द्वारा तोड़फोड़ की जानकारी मिलने पर कांडा पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
विज्ञापन
पुलिस द्वारा समझाने पर महिलाओं ने जब्त की गई शराब को ठेकेदार को लौटा दिया। महिलाओं ने कहा कि यदि फिर से शराब की दुकान खोलने का प्रयास किया गया तो शराब की बोतलों को नष्ट कर दिया जाएगा। शराब का विरोध करने वालों में नारायणगूंठ की ग्राम प्रधान सविता नगरकोटी, धपोली की प्रधान निर्मला धपोला, हंसी देवी, पुष्पा, दीपा, रमा, कविता, नीमा, बचुली देेवी, आनंद धपोला, नवीन धपोला आदि शामिल थे।
विज्ञापन