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शराब की दुकान के लिए टिन शेड बनाने से महिलाएं भड़की
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Mon, 24 Apr 2017 12:12 AM IST
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कांडा में शराब की दुकान का विरोध जारी है। महिलाओं के विरोध के कारण शराब की दुकान के लिए भवन नहीं मिलने पर ठेकेदार ने तहसील और थाने के समीप अस्थाई टिन शेड तैयार किया है। इससे महिलाएं भड़क गई हैं। महिलाओं ने फड़ में शराब की दुकान खोलने पर उग्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।
जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन में महिलाओं का कहना है कि कांडा मोटर मार्ग नेशनल हाइवे में आता है। कोर्ट के निर्देश के तहत मार्ग से 250 मीटर के दायरे में शराब की दुकान का संचालन नहीं किया जा सकता है। लेकिन यहां पर तहसील और थाने के समीप ही अस्थाई टिन शेड बनाकर शराब का ठेका खोलने की तैयारी हो रही है। महिलाओं का कहना है कि क्षेत्र के अधिकांश लोग मेहनत मजदूरी कर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं।
आसानी से मुहैया होने के कारण अपनी मेहनत की कमाई मजदूर तबके के लोग शराब में ही उड़ा देते हैं। शराब के कारण गांवों का माहौल भी खराब होता है। महिलाओं का कहना है कि पूरे क्षेत्र की महिलाएं शराब की दुकान खोलने का विरोध कर रही हैं। महिलाओं के विरोध के बावजूद तहसील प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। महिलाओं ने कहा है कि यदि कांडा में शराब की दुकान खोलने का प्रयास किया गया तो पूरा विरोध किया जाएगा। ज्ञापन भेजने वालों में ममता लोहनी, गीता पांडेय, माया, नीमा, विमला, गीता, भागीरथी, पुष्पा, बबीता, ज्योति देवी, पार्वती, हंसी, मंजू, पूजा, पुष्पा, सुनीता देवी, आशा देवी, तनूजा नगरकोटी, निर्मला देवी, दीपा देवी आदि महिलाओं के हस्ताक्षर हैं।
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जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन में महिलाओं का कहना है कि कांडा मोटर मार्ग नेशनल हाइवे में आता है। कोर्ट के निर्देश के तहत मार्ग से 250 मीटर के दायरे में शराब की दुकान का संचालन नहीं किया जा सकता है। लेकिन यहां पर तहसील और थाने के समीप ही अस्थाई टिन शेड बनाकर शराब का ठेका खोलने की तैयारी हो रही है। महिलाओं का कहना है कि क्षेत्र के अधिकांश लोग मेहनत मजदूरी कर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं।
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आसानी से मुहैया होने के कारण अपनी मेहनत की कमाई मजदूर तबके के लोग शराब में ही उड़ा देते हैं। शराब के कारण गांवों का माहौल भी खराब होता है। महिलाओं का कहना है कि पूरे क्षेत्र की महिलाएं शराब की दुकान खोलने का विरोध कर रही हैं। महिलाओं के विरोध के बावजूद तहसील प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। महिलाओं ने कहा है कि यदि कांडा में शराब की दुकान खोलने का प्रयास किया गया तो पूरा विरोध किया जाएगा। ज्ञापन भेजने वालों में ममता लोहनी, गीता पांडेय, माया, नीमा, विमला, गीता, भागीरथी, पुष्पा, बबीता, ज्योति देवी, पार्वती, हंसी, मंजू, पूजा, पुष्पा, सुनीता देवी, आशा देवी, तनूजा नगरकोटी, निर्मला देवी, दीपा देवी आदि महिलाओं के हस्ताक्षर हैं।
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