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Bageshwar News: जब शुरू हुआ काम तब पता लगा मानकों में नहीं भूमि

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 21 Feb 2026 11:11 PM IST
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When the work started, it was discovered that the land did not meet the standards.
बागेश्वर। नगर के कूड़ा निस्तारण की गंभीर समस्या को सुलझाने के लिए बिलौना-पगना मोटर मार्ग के खोला तोक पर प्रस्तावित ट्रंचिंग ग्राउंड का मामला अब पूरी तरह पलट गया है। राज्य पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राजस्व और नगर पालिका की संयुक्त टीम की ओर से किए गए निरीक्षण में चयनित भूमि मानकों पर खरी नहीं उतरी है। ग्रामीणों के भारी विरोध और तकनीकी खामियों के चलते अब पालिका प्रशासन ने इस स्थान का मोह त्याग कर करीब डेढ़ किमी पहले वन विभाग की भूमि पर ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने की संभावनाएं तलाशने लगी है।
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शनिवार को ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए चयनित भूमि का जायजा लेने पहुंची संयुक्त टीम को स्थानीय ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का तर्क है कि प्रस्तावित स्थल से महज 200 मीटर की परिधि में घनी आबादी वाला गांव है, जबकि 100 मीटर की दूरी पर नदी बहती है। इसके अलावा पास में ही स्कूल, मुख्य सड़क और रेलवे लाइन के लिए सर्वेक्षित भूमि भी मौजूद है। ग्रामीणों ने जांच टीम को अपनी चिंताओं से अवगत कराते हुए जमकर खरी-खरी सुनाई। टीम ने क्षेत्र का भौतिक निरीक्षण कर पाया कि चयनित भूमि के नजदीक गांव, पानी का स्रोत, रास्ते आदि हैं। ऐसे में यह स्थान ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए उपयुक्त नहीं है। केंद्रीय पर्यावरण बोर्ड की अनुमति और तमाम सर्वे के बाद टेंडर प्रक्रिया कर कार्य के शुरू होने के बाद अब निर्माण का अधर में लटकना पालिका और जिला प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर बन गया है।
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......इनसेट
ग्रामीणों ने जताई खुशी, स्थगित हुआ प्रस्तावित आंदोलन
सामाजिक कार्यकर्ता सज्जन लाल टम्टा ने बताया कि बीते दिनों डीएम के साथ हुई वार्ता में ग्रामीणों ने अपनी आपत्तियां विस्तार से रखी थीं, जिसके बाद ही यह संयुक्त जांच संभव हो सकी है। पर्यावरण बोर्ड के अनुसार यह भूमि नियमों के अनुकूल नहीं है। इसे देखते हुए ग्रामीणों ने 24 फरवरी से प्रस्तावित अपने आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया है। इस मौके पर पगना के ग्राम प्रधान राकेश सिंह नेगी, बेहरगांव की प्रधान गीतांजलि टम्टा सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित रहे।
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पुराने चयनित स्थल पर ट्रंचिंग ग्राउंड बनाना अब संभव नहीं है, क्योंकि वह मानकों के विपरीत है और वहां जनविरोध भी अधिक है। ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए शासन को तीन करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें से 1.95 करोड़ रुपये की पहली किस्त पालिका को प्राप्त हो चुकी है। अब इस बजट का उपयोग पगना मोटर मार्ग पर ही पुराने स्थल से डेढ़ किमी पहले स्थित वन विभाग की खाली भूमि पर करने की योजना है। इस भूमि पर पेड़ भी नहीं हैं, जिसे जल्द ही वन विभाग से हस्तांतरित करने की मांग की जाएगी।

..........विनोद जीना, ईओ नगरपालिका बागेश्वर

कोट
राज्य पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड, सिंचाई खंड और पालिका के अधिकारियों के साथ मौके का निरीक्षण किया गया। इस दौरान पर्यावरण बोर्ड की टीम ने बताया कि उक्त भूमि ट्रंचिंग ग्राउंड के अनुकूल नहीं है। संबंधित निरीक्षण की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।


हरीश राम टम्टा, तहसीलदार काफलीगैर


कोट
ग्रामीणों के विरोध के बाद संयुक्त जांच के निर्देश दिए गए थे। अब तक रिपोर्ट मुझे प्राप्त नहीं हुई है। केंद्रीय पर्यावरण बोर्ड की अनुमति के बाद ही स्थल का चयन किया गया था। रिपोर्ट का आंकलन करने बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा।

........आकांक्षा कोंडे, डीएम बागेश्वर
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