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सिंचाई नहर बंद होने पर ग्रामीणों ने काटा हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर
Updated Sun, 13 Nov 2016 11:12 PM IST
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प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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मंडलसेरा बाईपास में बीच सड़क से होकर गुजरने वाली सिंचाई नहर के बंद करने से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने रविवार को सिंचाई नहर खोलने की मांग को लेकर हंगामा काटा। ग्रामीणों ने शीघ्र सिंचाई नहर नहीं खोलने पर उग्र आंदोलन छेड़ने की चेेतावनी दी।
रविवार को मंडलसेरा बाईपास पर पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि बाईपास रोड बनने से पहले से यहां पर सिंचाई नहर है। सड़क निर्माण के दौरान भी सिंचाई नहर को खुला छोड़ा गया था। परंतु अब यह नहर बंद हो चुकी है। सिंचाई नहर के बंद होने से खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे सिंचाई नहीं हो पा रही है। यदि नहर बंद हुई तो उनके खेत बंजर हो जाएंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र बंद पड़ी सिंचाई नहर को खोलने की मांग की। कहा कि कई बार बताने के बाद भी इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मांग को अनसुना किया गया तो उन्हें उग्र आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। सिंचाई नहर खोलने की मांग करने वालों में कैलाश आर्या, जगदीश आर्या, विनोद कुमार, पूरन राम, पुष्पा देवी, जानकी देवी, दीपक, रवि, अनिल, कमला देवी, अजीत कुमार, हितेश कुमार, रवींद्र कुमार आदि ग्रामीण शामिल थे। ग्रामीणों ने इस संबंध में मंगलवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है।
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रविवार को मंडलसेरा बाईपास पर पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि बाईपास रोड बनने से पहले से यहां पर सिंचाई नहर है। सड़क निर्माण के दौरान भी सिंचाई नहर को खुला छोड़ा गया था। परंतु अब यह नहर बंद हो चुकी है। सिंचाई नहर के बंद होने से खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे सिंचाई नहीं हो पा रही है। यदि नहर बंद हुई तो उनके खेत बंजर हो जाएंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र बंद पड़ी सिंचाई नहर को खोलने की मांग की। कहा कि कई बार बताने के बाद भी इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मांग को अनसुना किया गया तो उन्हें उग्र आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। सिंचाई नहर खोलने की मांग करने वालों में कैलाश आर्या, जगदीश आर्या, विनोद कुमार, पूरन राम, पुष्पा देवी, जानकी देवी, दीपक, रवि, अनिल, कमला देवी, अजीत कुमार, हितेश कुमार, रवींद्र कुमार आदि ग्रामीण शामिल थे। ग्रामीणों ने इस संबंध में मंगलवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है।
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