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पाइप लाइन बिछाने के लिए खेतों की खोदाई का विरोध हुआ तेज
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बागेश्वर में जिलाधिकारी को ज्ञापन देते कांग्रेस नेता भैरव नाथ टम्टा और बिलौना के लोग। संवाद न्य?
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। खरही पंपिंग योजना की पाइप लाइन बिछाने के लिए खेतों की खोदाई करने का विरोध तेज हो गया है। बिलौना के लोगों ने डीएम विनीत कुमार को ज्ञापन देकर योजना का सर्वे बदलने की मांग की। गरुड़ के समाजसेवी भैरव नाथ टम्टा ने भी ग्रामीणों की मांग को समर्थन दिया है।
बिलौना के पास सरयू नदी से खरही क्षेत्र के लिए पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण किया गया है। इन दिनों योजना के पुनर्गठन का कार्य चल रहा है। जिसके तहत पुरानी पाइप लाइन के स्थान पर नई पाइप बिछाई जा रही है। पाइप बिछाने के लिए विभाग ने बिलौना में खेतों की खोदाई की तो ग्रामीण भड़क उठे।
जिसके बाद से ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं। पूर्व में ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारी के सम्मुख विरोध जताया। बुधवार को गांव में धरना देकर खोदाई रोकने और लाइन की सर्वे बदलने की मांग की। बृहस्पतिवार को नाराज ग्रामीण डीएम कार्यालय पहुंचे।
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ग्रामीणों ने कहा कि खोदाई से उनके उपजाऊ खेत बर्बाद हो रहे हैं। जिसका असर फसल उत्पादन पर पड़ेगा। कहा कि अगर विभाग ने सर्वे नहीं बदला और पेयजल लाइन बिछाने के लिए खेतों की खोदाई जारी रखी तो मजबूरन आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। वहां पर चंद्रशेखर गुरुरानी, पुष्कर सिंह कनवाल, नरेंद्र सिंह कनवाल, इंद्र सिंह कनवाल, हरक सिंह, दीवान सिंह, रमेश सिंह आदि थे।
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बिलौना के पास सरयू नदी से खरही क्षेत्र के लिए पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण किया गया है। इन दिनों योजना के पुनर्गठन का कार्य चल रहा है। जिसके तहत पुरानी पाइप लाइन के स्थान पर नई पाइप बिछाई जा रही है। पाइप बिछाने के लिए विभाग ने बिलौना में खेतों की खोदाई की तो ग्रामीण भड़क उठे।
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जिसके बाद से ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं। पूर्व में ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारी के सम्मुख विरोध जताया। बुधवार को गांव में धरना देकर खोदाई रोकने और लाइन की सर्वे बदलने की मांग की। बृहस्पतिवार को नाराज ग्रामीण डीएम कार्यालय पहुंचे।
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ग्रामीणों ने कहा कि खोदाई से उनके उपजाऊ खेत बर्बाद हो रहे हैं। जिसका असर फसल उत्पादन पर पड़ेगा। कहा कि अगर विभाग ने सर्वे नहीं बदला और पेयजल लाइन बिछाने के लिए खेतों की खोदाई जारी रखी तो मजबूरन आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। वहां पर चंद्रशेखर गुरुरानी, पुष्कर सिंह कनवाल, नरेंद्र सिंह कनवाल, इंद्र सिंह कनवाल, हरक सिंह, दीवान सिंह, रमेश सिंह आदि थे।