बागेश्वर। कफलखेत-मजियाखेत पेयजल योजना का संचालन अब नगर पालिका करेगी। वर्ष 2008 में स्वैप के तहत बनी इस ग्रामीण पेयजल योजना का रखरखाव ग्राम समिति के माध्यम से किया जा रहा था लेकिन पिछले साल यह गांव शहर में शामिल होने और उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप इसे पालिका को सौंप दिया गया है।
इसके लिए रविवार को एसडीएम राकेश चंद्र तिवारी की अध्यक्षता में तहसील सभागार में बैठक हुई। इसमें कफलखेत-मजियाखेत पेयजल योजना जल संस्थान को सौंपने का प्रस्ताव रखा गया। कई लोगों नेे इस प्रस्ताव का विरोध किया। कहा कि जलसंस्थान योजना का बेहतर रखरखाव नहीं कर पाएगा क्योंकि नदीगांव और तहसील रोड पर अक्सर पानी की किल्लत रहती है। वहां रहने वाले लोग जल संस्थान की पेयजल वितरण व्यवस्था से नाराज हैं। मामला उपभोक्ता फोरम तक जा चुका है। इसलिए यह योजना पालिका को सौंपने का निर्णय लिया गया। यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हुआ। एसडीएम ने नगरपालिका से इस योजना का बेहतर रखरखाव करने को कहा। पालिका के ईओ राजदेव जायसी ने कहा कि इस प्रस्ताव को पालिका बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड के निर्णय के अनुरूप कार्य किया जाएगा। बैठक में डीपीआरओ रामपाल सिंह, सभासद नीमा दफौटी, मजियाखेत पेयजल समिति की अध्यक्ष मंजू बिष्ट, जल संस्थान के जेई दीनदयाल टम्टा, हेम चंद्र कांडपाल, चंद्रकला पाठक, वंशीधर जोशी, धर्म सिंह रौतेला, महेश कुमार टम्टा, चंद्रशेखर मेहता, हयात सिंह मेहता, आनंद सिंह नगरकोटी, सुंदर सिंह बिष्ट आदि थे।