{"_id":"572f77af4f1c1b00535cd024","slug":"was-to-munsyari-teen-reached-bageshwar","type":"story","status":"publish","title_hn":"जाना था मुनस्यारी, किशोर पहुंच गया बागेश्वर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जाना था मुनस्यारी, किशोर पहुंच गया बागेश्वर
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Sun, 08 May 2016 11:00 PM IST
विज्ञापन
लड़का
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रुद्रपुर से अपने पिता से मिलने मुनस्यारी जा रहा एक किशोर भटककर बागेश्वर पहुंच गया। देर रात बस स्टेशन में उसे भटकता देख कुछ लोगों ने उसके रहने, खाने की व्यवस्था की। व्यापारी भरत रावल और गोविंद रावल को शनिवार की देर रात बागेश्वर बस स्टेशन पर परेशान खड़े एक किशोर को देखा।
पूछताछ करने पर किशोर ने बताया कि वह मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर जिले का रहने वाला है। वह कुछ समय से अपने चाचा उस्मान के साथ रुद्रपुर में रहता है। वह शनिवार को मुनस्यारी में काम करने वाले अपने पिता से मिलने के लिए रुद्रपुर से आया, लेकिन अल्मोड़ा से पिथौरागढ़ जाने की बजाय यहां पहुंच गया।
विज्ञापन
उसके पास अधिक पैसे भी नहीं थे। भटककर बागेश्वर पहुंचे 13 साल के बच्चे को देखकर दोनों व्यापारियों को दया आ गई। दोनों ने इंसानियत का परिचय देते हुए न केवल अरबाज को खाना खिलाया और उसके लिए होटल में ठहरने के लिए मुफ्त व्यवस्था की। दोनों व्यापारियों ने रविवार की सुबह अरबाज को मुनस्यारी जाने वाली बस में बिठाया। जिसकी लोगों ने सराहना की है।
विज्ञापन