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वेणीमाधव वार्ड में हवा में झूल रहे बेपेंदी के कूड़ेदान
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Wed, 07 Dec 2016 09:59 PM IST
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बदहाल कूड़ादान
- फोटो : amar ujala
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खेतों में बिखरा कूड़ा, सरयू के किनारे धूल भरी सड़क, नगरपालिका द्वारा सड़क किनारे कुछ स्थानों पर रखे गए टूटे-फूूटे कूड़ेदान और सड़क से लेकर नदी तक फैला बेहिसाब कूड़ा करकट। पवित्र नदी में प्रवाहित होती मोहल्ले के नालों की गंदगी। कुछ यही तस्वीर है बागेश्वर के वेणीमाधव वार्ड की।
बुधवार को जब अमर उजाला ने सरयू को कूड़ा मुक्त करने के अभियान को लेकर वेणीमाधव वार्ड में जाकर कूड़ा निस्तारण की व्यवस्थाओं को देखा तो समस्याएं ही समस्याएं नजर आईं। स्थानीय लोगों से बातचीत में पता चला कि कूड़ा निस्तारण की यहां पर कोई व्यवस्था नहीं है। अंदर गलियों में रास्तों के किनारे और खेतों में कूड़ा पड़ा मिला। लगभग दो दर्जन परिवारों ने आबादी में ही स्थित एक गधेरे को कूड़ा डंपिंग स्थल बनाया है। इस स्थान पर पालिका का एक छोटा कूड़ेदान भी लगा है लेकिन इस कूड़ेदान का कोई महत्व नजर नहीं आया। महिलाओं ने बताया कि घरों से कूड़ा उठाने की कोई व्यवस्था नहीं है। सभी लोग इसी गधेरे में कूड़ा डालते हैं।
अधिक कूड़ा होने पर आग लगा दी जाती है या फिर बरसात में बहकर सरयू में समा जाता है।
वार्ड में जब सरयू के किनारे पहुंचे तो कुछ कूड़ेदान नजर आए लेकिन एक भी कूड़ेदान में तले नहीं थे। घरों का कूड़ा नदी किनारे डंप किया नजर आया। पूरे वार्ड में नदी किनारे कचरा ही कचरा डाला गया था। लोगों ने बताया कि कूड़ा निस्तारण के उचित प्रबंध नहीं हैं। कूड़ेदान टूटे होने और हर दिन कूड़े की सफाई न होने से दिक्कतें होती हैं। कई लोग घरों की छतों से या सड़क से कूड़े की थैलियों को नदी में उछाल देते हैं। उन्होंने बताया कि नगरपालिका यदि कूड़ेदान रखे और कूड़े के निस्तारण की उचित व्यवस्था की जाए तो सरयू में कूड़ा डालने पर रोक लगेगी।
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बुधवार को जब अमर उजाला ने सरयू को कूड़ा मुक्त करने के अभियान को लेकर वेणीमाधव वार्ड में जाकर कूड़ा निस्तारण की व्यवस्थाओं को देखा तो समस्याएं ही समस्याएं नजर आईं। स्थानीय लोगों से बातचीत में पता चला कि कूड़ा निस्तारण की यहां पर कोई व्यवस्था नहीं है। अंदर गलियों में रास्तों के किनारे और खेतों में कूड़ा पड़ा मिला। लगभग दो दर्जन परिवारों ने आबादी में ही स्थित एक गधेरे को कूड़ा डंपिंग स्थल बनाया है। इस स्थान पर पालिका का एक छोटा कूड़ेदान भी लगा है लेकिन इस कूड़ेदान का कोई महत्व नजर नहीं आया। महिलाओं ने बताया कि घरों से कूड़ा उठाने की कोई व्यवस्था नहीं है। सभी लोग इसी गधेरे में कूड़ा डालते हैं।
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अधिक कूड़ा होने पर आग लगा दी जाती है या फिर बरसात में बहकर सरयू में समा जाता है।
वार्ड में जब सरयू के किनारे पहुंचे तो कुछ कूड़ेदान नजर आए लेकिन एक भी कूड़ेदान में तले नहीं थे। घरों का कूड़ा नदी किनारे डंप किया नजर आया। पूरे वार्ड में नदी किनारे कचरा ही कचरा डाला गया था। लोगों ने बताया कि कूड़ा निस्तारण के उचित प्रबंध नहीं हैं। कूड़ेदान टूटे होने और हर दिन कूड़े की सफाई न होने से दिक्कतें होती हैं। कई लोग घरों की छतों से या सड़क से कूड़े की थैलियों को नदी में उछाल देते हैं। उन्होंने बताया कि नगरपालिका यदि कूड़ेदान रखे और कूड़े के निस्तारण की उचित व्यवस्था की जाए तो सरयू में कूड़ा डालने पर रोक लगेगी।
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