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बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित होना जरूरी
ब्यूरो /अमर उजाला, बागेश्वर
Updated Thu, 06 Aug 2015 12:58 AM IST
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राज्य शैक्षिक अनुसंधान, प्रशिक्षण परिषद और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की ओर से जिला स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी हुई। गोष्ठी का विषय प्रकाश उपयोग संभावनाएं और चुनौतियां था।
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गोष्ठी में विवेकानंद इंटर कालेज मंडलसेरा की सपना कार्की ने पहला, राजकीय इंटर कालेल गरुड़ के नितेश कुमार ने दूसरा और जीजीआईसी पुरड़ा की कविता कांडपाल ने तीसरे स्थान हासिल किया।
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प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए डायट के प्राचार्य श्याम लाल आर्य ने कहा कि बच्चों में वैैैज्ञानिक सोच विकसित होनी जरूरी है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय सभागार में माध्यमिक शिक्षा अभियान के जिला संदर्भदाता डा. शैलेंद्र धपोला ने अतिथियों का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि 2015 को अंतर्राष्ट्रीय प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की अभिनव उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि आज वैैैज्ञानिकों ने किसी माध्यम से गुजारे बिना प्रकाश की चाल को धीमा करने की विधि ढूंढ़ ली है।
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मुख्य अतिथि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य आर्य ने विजेता छात्रों को खोजी बनने को कहा। उन्होंने विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए।
प्रतियोगिता के निर्णायक विशेष प्रशिक्षु शिक्षकों में रिचा कटयाल, सुकल चंद्र और सुषमा रहे। संगोष्ठी का संचालन जिला विज्ञान समन्वयक दीप चंद्र जोशी ने किया।
उन्होंने बताया कि 25 अगस्त को जीजीआईसी श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल) में राज्य स्तरीय विज्ञान संगोष्ठी होगी। यहां बलवंत टाकुली, विजय पाठक, तारा शंकर पाठक, संदीप जोशी, धीरज नैनवाल, अमित लोहनी आदि थे।