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Bageshwar News: जाम से दम तोड़ रहा पहाड़ों का ट्रांसपोर्ट कारोबार, 12 फेरों का सफर चार में सिमटा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jul 2026 11:18 PM IST
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Traffic jams are crippling the mountain transport industry, with 12 trips reduced to four.

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बागेश्वर। अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर क्वारब और कैंची धाम के पास आए दिन लगने वाले भीषण जाम ने पर्वतीय क्षेत्रों के मालवाहक व्यवसाय की कमर तोड़कर रख दी है। पहाड़ों में खाद्यान्न, सब्जी, भवन निर्माण सामग्री समेत रोजमर्रा का जरूरी सामान पहुंचाने वाले ट्रक स्वामियों के लिए यह मार्ग जी का जंजाल बन चुका है। कभी महीने में हल्द्वानी मंडी से पहाड़ों के लिए 10 से 12 चक्कर लगाने वाले ट्रक अब महज चार से पांच चक्करों में ही सिमट कर रह गए हैं।
हल्द्वानी से बागेश्वर पहुंचने तक मालवाहक रास्ते में घंटों खड़े रहकर तेल फूंकने के लिए मजबूर हैं। समय की बर्बादी के कारण ट्रक ऑपरेटरों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है जिससे गाड़ियों की किस्त और चालकों का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है।
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हाईवे के जाम से पैदा हुए 4 बड़े संकट:
- चढ़ाई वाले इन रास्तों पर भारी लोड के साथ घंटों गाड़ी स्टार्ट रखने से डीजल की खपत डेढ़ से दोगुनी हो चुकी है। साथ ही इंजन पर भी बेहद बुरा असर पड़ रहा है। वहीं अल्मोड़ा से हल्द्वानी की जो दूरी सामान्यतः चार से पांच घंटे में तय हो जाती थी, अब जाम के चलते उसमें 10 से 12 घंटे या कभी-कभी पूरा दिन लग जा रहा है।
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इनके अलावा एक दिन की यात्रा दो से तीन दिन में पूरी होने के कारण चालकों और क्लीनरों के खाने-पीने का अतिरिक्त दैनिक भत्ता देना पड़ रहा है। वहीं राशन, सब्जी और फल जैसी जल्दी खराब होने वाली चीजों के समय पर न पहुंचने से व्यापारियों और ट्रक संचालकों के बीच आए दिन नोकझोंक हो रही है।
ट्रांसपोर्टर्स का दर्द
- पहले हम महीने में हल्द्वानी से बागेश्वर और अल्मोड़ा के 10 से 12 चक्कर आसानी से काट लेते थे जिससे गाड़ी की किस्त निकालने के बाद ठीक-ठाक बचत हो जाती थी। अब क्वारब की संकरी सड़क और कैंची के पास बेकाबू यातायात की वजह से गाड़ी पूरे दिन जाम में फंसी रहती है। महीने में बमुश्किल चार से पांच चक्कर लग पा रहे हैं। - लक्ष्मण सिंह, ट्रांसपोर्ट कारोबारी, बागेश्वर
- सड़क पर रेंगते वाहनों की वजह से ट्रकों का डीजल बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। यात्रा में देरी के कारण चालकों और क्लीनरों को एक्स्ट्रा डेली अलाउंस देना पड़ रहा है। सरकार को इस रूट पर भारी वाहनों के सुगम संचालन के लिए कोई ठोस ट्रैफिक प्लान बनाना चाहिए। - प्रकाश रावल, ट्रक कारोबारी, गरुड़

- जाम के इस झाम ने पूरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम को ठप कर दिया है। हल्द्वानी मंडी से लोड होने वाला माल समय पर पहाड़ों में नहीं पहुंच पा रहा है। फेरे आधे से भी कम रह गए हैं। अगर यही हाल रहा तो ट्रक ऑपरेटर गाड़ियों को खड़ी करने पर मजबूर हो जाएंगे जिसका सीधा असर पहाड़ों में जरूरी सामानों की कीमतों और सप्लाई पर पड़ेगा। - दिनेश सिंह बिष्ट, अध्यक्ष, ट्रक एसोसिएशन

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