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पिंडारी ग्लेशियर से बुरे अनुभव लेकर लौटे पर्यटक
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पिंडारी ग्लेशियर कपकोट के बदहाल रास्ते पर चलता दिल्ली के पर्यटक अशोक कुमार का परिवार।
- फोटो : BAGESHWAR
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पिंडारी ग्लेशियर घूमने आ रहे पर्यटक बुरे अनुभव लेकर लौट रहे हैं। उनका कहना है कि ग्लेशियर का ट्रैकिंग रूट पैदल चलने लायक भी नहीं है। इससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कहा कि अगर रास्ते और सड़कें दुरुस्त हो जाएं तो पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
दिल्ली पुलिस में कार्यरत प्रियदर्शी और पर्यटक यश, भुवन, कपिल, अशोक दो अक्तूबर को पिंडारी ग्लेशियर की यात्रा पर गए थे। पांच दिनी भ्रमण के बाद वह रविवार दोपहर वह बागेश्वर लौटे। उन्होंने बताया कि कपकोट से आगे सड़कों की हालत बहुत खराब है। द्वाली से फुरकिया जाते समय कई झरने आए, लेकिन वहां रास्ता बेहद खराब था । स्वामी धर्मानंद गिरि आश्रम से आगे करीब 200 मीटर दूरी तक नदी तल पर ही चलना पड़ा।
उन्होंने कफनी और पिंडारी नदी पर पुल बनाने की मांग की। हालांकि वह प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत नजर आए। उनका कहना था कि सड़कें और रास्ते सुधरने से पहाड़ पर पर्यटन और रोजगार बढ़ेगा। इससे गांवों से हो रहा पलायन भी रोकने में मदद मिल सकती है।
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राज्य सरकार ने हर जिले में एक नया पर्यटन स्थल विकसित करने की योजना बनाई है। इसके तहत कौसानी के टी टूरिज्म, हिमालय दर्शन सहित कफनी ग्लेशियर के रास्ते को सुधारने का काम भी प्रस्तावित है। इसके बाद पिंडारी ग्लेशियर के रास्ते को भी सुधारा जाएगा।
कीर्ति चंद्र आर्य, जिला पर्यटन अधिकारी, बागेश्वर
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दिल्ली पुलिस में कार्यरत प्रियदर्शी और पर्यटक यश, भुवन, कपिल, अशोक दो अक्तूबर को पिंडारी ग्लेशियर की यात्रा पर गए थे। पांच दिनी भ्रमण के बाद वह रविवार दोपहर वह बागेश्वर लौटे। उन्होंने बताया कि कपकोट से आगे सड़कों की हालत बहुत खराब है। द्वाली से फुरकिया जाते समय कई झरने आए, लेकिन वहां रास्ता बेहद खराब था । स्वामी धर्मानंद गिरि आश्रम से आगे करीब 200 मीटर दूरी तक नदी तल पर ही चलना पड़ा।
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उन्होंने कफनी और पिंडारी नदी पर पुल बनाने की मांग की। हालांकि वह प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत नजर आए। उनका कहना था कि सड़कें और रास्ते सुधरने से पहाड़ पर पर्यटन और रोजगार बढ़ेगा। इससे गांवों से हो रहा पलायन भी रोकने में मदद मिल सकती है।
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राज्य सरकार ने हर जिले में एक नया पर्यटन स्थल विकसित करने की योजना बनाई है। इसके तहत कौसानी के टी टूरिज्म, हिमालय दर्शन सहित कफनी ग्लेशियर के रास्ते को सुधारने का काम भी प्रस्तावित है। इसके बाद पिंडारी ग्लेशियर के रास्ते को भी सुधारा जाएगा।
कीर्ति चंद्र आर्य, जिला पर्यटन अधिकारी, बागेश्वर