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आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए कार्यशाला
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Fri, 25 Nov 2016 10:58 PM IST
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डीएम
- फोटो : amar ujala
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आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से एक कार्यशाला का आयोजन हुआ। इसमें डीएम मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि इंन्सीडेंट रिस्पांस सिस्टम में आपदा संबंधित कार्यों में एकरूपता लाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
शुक्रवार को विकासभवन सभागार में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए इन्सीडेंट रिस्पांस सिस्टम के विषेशज्ञ बीबी गणनायक ने बताया कि आपदा कभी भी आ सकती है। आपदा को रोका तो नहीं जा सकता पर उसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। आपदाग्रस्त क्षेत्रों में तत्काल राहत देने एवं आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राज्य व जिला स्तर पर यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य आपदाग्रस्त इलाकों में प्रशिक्षण प्राप्त अधिकारियों द्वारा 20-25 मिनट में राहत पहुंचाना है। आपदा प्रबंधन कार्य योजना इसी पूर्व तैयारी का एक हिस्सा है जो किसी भी आपातकालीन स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यशाला में एसपी सुखबीर सिंह, एडीएम एसएस जंगपांगी, सीडीओ एसएसएस पांगती, एसडीएम सिंह राणा, कपकोट एनएस नगन्याल, रवीन्द्र सिंह बिष्ट, वरिष्ठ कोषाधिकारी भास्करानंद पांडेय आदि मौजूद थे।
शुक्रवार को विकासभवन सभागार में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए इन्सीडेंट रिस्पांस सिस्टम के विषेशज्ञ बीबी गणनायक ने बताया कि आपदा कभी भी आ सकती है। आपदा को रोका तो नहीं जा सकता पर उसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। आपदाग्रस्त क्षेत्रों में तत्काल राहत देने एवं आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राज्य व जिला स्तर पर यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य आपदाग्रस्त इलाकों में प्रशिक्षण प्राप्त अधिकारियों द्वारा 20-25 मिनट में राहत पहुंचाना है। आपदा प्रबंधन कार्य योजना इसी पूर्व तैयारी का एक हिस्सा है जो किसी भी आपातकालीन स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यशाला में एसपी सुखबीर सिंह, एडीएम एसएस जंगपांगी, सीडीओ एसएसएस पांगती, एसडीएम सिंह राणा, कपकोट एनएस नगन्याल, रवीन्द्र सिंह बिष्ट, वरिष्ठ कोषाधिकारी भास्करानंद पांडेय आदि मौजूद थे।
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