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ठंडे नहीं पड़ रहे धधकते जंगल
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Tue, 26 Apr 2016 11:14 PM IST
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आग
- फोटो : अमर उजाला
जिले के विभिन्न इलाकों के जंगल लंबे समय से धू-धूूूकर जल रहे हैं। आग पर काबू नहीं पाए जाने के कारण भारी मात्रा में वन संपदा जलकर राख हो चुकी है। तपन बढ़ने से जल स्रोतों में भी पानी की मात्रा कम होने लगी है। वहीं लगातार जंगलों के जलने से बरसात के सीजन में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ते जा रहा है। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने वन विभाग से आग बुझाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
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बता दें कि बागेश्वर, कांडा, दुग नाकुरी, कपकोट और काफलीगैर तहसील के कई आरक्षित और पंचायती जंगल लंबे समय से धधक रहे हैं। आग से अब तक बड़ी मात्रा में वन संपदा जलकर नष्ट हो चुकी है। आग पर नियंत्रण नहीं होने के कारण जल स्रोतों में भी पानी की मात्रा कम होते जा रही है। आग से मवेशियों के सामने चारे का संकट गहरा गया है। भीषण आग से मिट्टी पक गई है। इससे बरसात में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
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वनकर्मी कड़ी मशक्कत से आग बुझा रहे हैं। उनके शाम को घर लौटने पर असामाजिक तत्व फिर से जंगलों में सक्रिय हो जा रहे हैं। लोगों ने वन विभाग से जंगलों में आग लगाने वालों की धरपकड़ कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने पर्यावरण के नाम पर बनी एनजीओ से जंगलों को आग से बुझाने के लिए आगे आने को कहा है।
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