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साथियों को बचा जान पर खेल गया जवान
ब्यूरो, अमर उजाला बागेश्वर।
Updated Tue, 19 Apr 2016 10:10 PM IST
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माैत
- फोटो : अमर उजाला
असम राइफल में तैनात बागेश्वर निवासी हवलदार हर सिंह पांडा की मणिपुर में हादसे में मौत हो गई। हवलदार की सैन्य सम्मान के साथ गमगीन माहौल में सरयू घाट में अंत्येष्टि की गई। डीएम भूपाल सिंह मनराल और एसपी एनएस नपलच्याल ने शहीद के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। बता दें कि ब्रेक फेल होने पर हर सिंह ने वाहन में सवार सभी सात जवानों को कूदने को कहा, लेकिन अपनी जान नहीं बचा सके।
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मूलरूप से जिले के सौंग गांव निवासी हवलदार हर सिंह पांडा (47) सेवन असम राइफल में मणिपुर (आसाम) के चूड़ाचांदपुर में तैनात थे। 17 अप्रैल को जब वह यूनिट के सात जवानों को वाहन से कैंप कार्यालय जा रहे थे, तभी वाहन के ब्रेक फेल हो गए। हर सिंह ने वाहन में सवार अन्य जवानों को कूदने को कहा। जब सभी जवान वाहन से बाहर आ गए तो अनियंत्रित वाहन पेड़ से टकरा गया। हादसे में गंभीर चोटें आने से हर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
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मंगलवार को असाम से उनका पार्थिव शरीर नायब सूबेदार दीवान सिंह बागेश्वर लेकर आए। शव के कठायतबाड़ा आवास पर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। जवान के पिता महेंद्र सिंह, माता पानुली देवी, पत्नी कविता पांडा, बेटी किरन पांडा और बेटा सूरज पांडा शव को देखकर बिलख पड़े। बाद में सरयू-गोमती संगम पर जवान का अंतिम संस्कार किया गया।
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जवान के पुत्र सूरज सिंह ने चिता को मुखाग्नि दी। सिग्नल रेजीमेंट कौसानी से नायब सूबेदार राजकुमार के नेतृत्व में पहुंची जवानों की टुकड़ी ने जवान को अंतिम सलामी दी। इस दौरान एसडीएम फिंचाराम चौहान, कोतवाल हरक सिंह फिरमाल, कांग्रेस नेता राजेंद्र टंगड़िया, प्रो. बीसी तिवारी, जगदीश परिहार, गोविंद रौतेला, हरीश खेतवाल, दीपक कार्की, जीत सिंह, आनंद सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे।