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सड़क सुविधा से वंचित है सुमगढ़ की आबादी
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Fri, 25 Nov 2016 11:02 PM IST
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प्रदर्शन
- फोटो : amar ujala
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कपकोट तहसील के दूरस्थ सुमगढ़ गांव की एक हजार की आबादी यातायात सुविधा से वंचित है। सड़क नहीं होने से यहां के ग्रामीणों को तीन से नौ किलोमीटर तक की दूरी पैदल तय करनी पड़ती है। वर्षों से सड़क निर्माण की मांग उठाने के बाद भी सड़क निर्माण की कार्रवाई नहीं होने से खिन्न ग्रामीणों ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
सुमगढ़ से जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने प्रदर्शन के बाद डीएम को ज्ञापन सौंपा। कहा कि 250 की आबादी वाले गांवों तक पीएमजीएसवाई के तहत सड़कों का निर्माण किया जा चुका है लेकिन एक हजार की आबादी वाले सुमगढ़ गांव के लिए आज तक सड़क की सर्वे नहीं हुई है। यहां के लोगों को तीन से नौ किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। बच्चे मीलों की पैदल दूरी तय कर स्कूल पहुंचते हैं। गर्भवती महिलाओं और बीमारों को डोली में रखकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। मोटर मार्ग नहीं बनने से ग्रामीण पलायन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने तप्तकुंड से छोरीधार तक सड़क निर्माण की मांग उठाई। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान विमला जोशी, हेमा पंडा, शांति जोशी, मोहनी देवी, प्रेेमा रावत, भावना पंडा, चंपा देवी, रामचंद्र, मान सिंह आदि शामिल थे।
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सुमगढ़ से जिला मुख्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने प्रदर्शन के बाद डीएम को ज्ञापन सौंपा। कहा कि 250 की आबादी वाले गांवों तक पीएमजीएसवाई के तहत सड़कों का निर्माण किया जा चुका है लेकिन एक हजार की आबादी वाले सुमगढ़ गांव के लिए आज तक सड़क की सर्वे नहीं हुई है। यहां के लोगों को तीन से नौ किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। बच्चे मीलों की पैदल दूरी तय कर स्कूल पहुंचते हैं। गर्भवती महिलाओं और बीमारों को डोली में रखकर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। मोटर मार्ग नहीं बनने से ग्रामीण पलायन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने तप्तकुंड से छोरीधार तक सड़क निर्माण की मांग उठाई। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान विमला जोशी, हेमा पंडा, शांति जोशी, मोहनी देवी, प्रेेमा रावत, भावना पंडा, चंपा देवी, रामचंद्र, मान सिंह आदि शामिल थे।
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