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दूरदराज के गांवों नहीं पहुंचे राष्ट्रीय दलों के झंडे, पोस्टर
अमर उजाला ब्यूरो गरुड़ बागेश्वर
Updated Tue, 07 Feb 2017 12:30 AM IST
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विधान सभा चुनाव के मतदान के मात्र आठ दिन शेष है। दूरदराज के गांवों में राष्ट्रीय पार्टियां झंडे, पोस्टर, घोषणा पत्र नहीं पहुंच पाए हैं। सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के लोग राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र का इंतजार कर रहे हैं।
बागेश्वर विधान सभा क्षेत्र के लाहुरघाटी, गोमती घाटी, देवनाई घाटी, पंचगढ़ी घाटी, मल्ला, तल्ला कत्यूर घाटी के गांवों में इस बार भाजपा, कांग्रेस, बसपा के झंडे पोस्टर नाम मात्र दिख रहे हैं। ग्रामीण जब प्रचार करने वालों से झंडा पोस्टर की मांग कर रहे हैं तो राजनीतिक दलों के प्रचारक उन्हें अगले दिन बैच और झंडा देने की बात कहकर लोगों को शांत कर रहे हैं।
मवई, जाख, छत्यानी, पिंगलों गढ़खेत, कुलाऊं आदि गांवों के बुजुर्गों का कहना है कि पहले चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के लोग गांव गांव में मतदाताओं को अपनी पार्टी का घोषणा पत्र बांटते थे। इस बार के चुनाव में राष्ट्रीय दलों का घोषणा पत्र देखने को नहीं मिल रहा है। यही नहीं चुनाव प्रचार में युवाओं की सक्रियता नहीं दिख रही है। दूरदराज के ग्रामीणों का कहना है कि वह भाजपा, कांग्रेस, बसपा के प्रत्याशी के सामने अपने गांव की ज्वलंत समस्याओं को रखना चाहते हैं। अधिकांश गांवों में प्रत्याशी के नहीं पहुंच पाए हैं।
बागेश्वर विधान सभा क्षेत्र के लाहुरघाटी, गोमती घाटी, देवनाई घाटी, पंचगढ़ी घाटी, मल्ला, तल्ला कत्यूर घाटी के गांवों में इस बार भाजपा, कांग्रेस, बसपा के झंडे पोस्टर नाम मात्र दिख रहे हैं। ग्रामीण जब प्रचार करने वालों से झंडा पोस्टर की मांग कर रहे हैं तो राजनीतिक दलों के प्रचारक उन्हें अगले दिन बैच और झंडा देने की बात कहकर लोगों को शांत कर रहे हैं।
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मवई, जाख, छत्यानी, पिंगलों गढ़खेत, कुलाऊं आदि गांवों के बुजुर्गों का कहना है कि पहले चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के लोग गांव गांव में मतदाताओं को अपनी पार्टी का घोषणा पत्र बांटते थे। इस बार के चुनाव में राष्ट्रीय दलों का घोषणा पत्र देखने को नहीं मिल रहा है। यही नहीं चुनाव प्रचार में युवाओं की सक्रियता नहीं दिख रही है। दूरदराज के ग्रामीणों का कहना है कि वह भाजपा, कांग्रेस, बसपा के प्रत्याशी के सामने अपने गांव की ज्वलंत समस्याओं को रखना चाहते हैं। अधिकांश गांवों में प्रत्याशी के नहीं पहुंच पाए हैं।
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