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गैस कनेक्शनों की जांच टीम गांवों में जाने से कतरा रही
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Sat, 04 Mar 2017 10:53 PM IST
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दुग नाकुुरी तहसील के गांवों में रसोई गैैस के पाइपों और अन्य उपकरणों की जांच के नाम पर हो रही कथित ठगी के कारण अब कपकोट और गरुड़ क्षेत्र में केएमवीएन की ओर से कनेक्शनों की जांच के काम में लगी टीम अपने को असुरक्षित महसूस कर रही है। उधर रीमा पुलिस के अनुसार ठगी के इस मामले में अभी तक किसी ने रिपोर्ट नहीं लिखाई है। मालूम हो कि दिल्ली से आए कुछ लोगों ने रसोई गैस के पाइपों और अन्य उपकरणों की जांच के नाम पर गांवों में डेरा डाला है।
यह लोग उपभोक्ताओं से रसोई गैस के पाइप और अन्य उपकरणों के नाम पर 400 से 700 रुपए ठग रहे हैं। रसोई गैस के स्थानीय प्रबंधक जीएस बाफिला ने बताया कि उनकी एजेंसी के तहत पड़ने वाले क्षेत्रों में रसोई गैस के कनेक्शनों की जांच का काम पूरा हो चुका है। जांच अब कपकोट और गरुड़ एजेंसी के अंतर्गत हो रही है। टीम के द्वारा जांच शुल्क 75 रुपए लिया जा रहा है। जांच के बाद टीम उपभोक्ताओं को प्राप्ति रसीद भी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि रसोई गैस कनेक्शनों की जांच केएमवीएन माध्यम से दो साल में एक बार होती है। इसके अलावा जो भी कनेक्शनों की जांच के नाम पर इलाके में घूम रहे हैं वह अनधिकृत हैं। उधर गरुड़ क्षेत्र में रसोई गैैस कनेक्शनों की जांच के काम पर लगे केएमवीएन के नितेश राठौर ने बताया दुग नाकुरी क्षेत्र में बाहरी लोगों द्वारा की जा रही ठगी का असर कपकोट और गरुड़ ब्लॉक में हो रहे जांच कार्य में पड़ रहा है जांच टीम गांवों में जाने में कतरा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से कहा है कि वह जांच केएमवीएन की टीम से कराकर जांच शुल्क सिर्फ 75 रुपए ही दें और जांच के बाद प्राप्ति रसीद अवश्य लें।
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यह लोग उपभोक्ताओं से रसोई गैस के पाइप और अन्य उपकरणों के नाम पर 400 से 700 रुपए ठग रहे हैं। रसोई गैस के स्थानीय प्रबंधक जीएस बाफिला ने बताया कि उनकी एजेंसी के तहत पड़ने वाले क्षेत्रों में रसोई गैस के कनेक्शनों की जांच का काम पूरा हो चुका है। जांच अब कपकोट और गरुड़ एजेंसी के अंतर्गत हो रही है। टीम के द्वारा जांच शुल्क 75 रुपए लिया जा रहा है। जांच के बाद टीम उपभोक्ताओं को प्राप्ति रसीद भी दी जा रही है।
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उन्होंने बताया कि रसोई गैस कनेक्शनों की जांच केएमवीएन माध्यम से दो साल में एक बार होती है। इसके अलावा जो भी कनेक्शनों की जांच के नाम पर इलाके में घूम रहे हैं वह अनधिकृत हैं। उधर गरुड़ क्षेत्र में रसोई गैैस कनेक्शनों की जांच के काम पर लगे केएमवीएन के नितेश राठौर ने बताया दुग नाकुरी क्षेत्र में बाहरी लोगों द्वारा की जा रही ठगी का असर कपकोट और गरुड़ ब्लॉक में हो रहे जांच कार्य में पड़ रहा है जांच टीम गांवों में जाने में कतरा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से कहा है कि वह जांच केएमवीएन की टीम से कराकर जांच शुल्क सिर्फ 75 रुपए ही दें और जांच के बाद प्राप्ति रसीद अवश्य लें।
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