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शिक्षक ट्रेनिंग में, प्रेरक के हवाले पाठशाला
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर
Updated Mon, 26 Dec 2016 11:10 PM IST
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जनपद की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती जा रही है। एक ओर जहां सुगम में मानकों के अनुसार शिक्षक-शिक्षिकाएं तैनात हैं, वहीं दूरस्थ के स्कूल एकल शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं। शिक्षक के किसी कार्य से अवकाश पर रहने पर विद्यालय या तो आंगनबाड़ी व प्रेरकों के हाथों में सौंप दिया जाता है या फिर ताला लगने की नौबत तक आ जाती है। कुछ यही हाल इन दिनों प्राथमिक पाठशाला गड़िया डोबा का भी है।
सामाजिक कार्यकर्ता विशन सिंह टंगड़िया के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि प्राथमिक पाठशाला गड़िया डोबा में 11 बच्चे अध्ययनरत हैं। आंगनबाड़ी के पांच बच्चे भी इसी स्कूल में पढ़ते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि विद्यालय में तैनात एकमात्र शिक्षक वर्तमान में ट्रेनिंग में हैं। स्कूल का संचालन शिक्षा प्रेरक के हाथों में हैं। परंतु शिक्षा प्रेरक का भी तीन माह का बच्चा होने के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। स्कूल में केवल एक घंटा ही पढ़ाई होती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से पाठशाला में मानकों के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की मांग की जा रही है परंतु आज तक उनकी इस मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इसके चलते अभिभावकों में नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीण शिव सिंह, जगदीश सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा है कि यदि शिक्षक नियुक्त नहीं किए गए तो उन्हें आमरण अनशन करने को बाध्य होना पड़ेगा।
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सामाजिक कार्यकर्ता विशन सिंह टंगड़िया के नेतृत्व में उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि प्राथमिक पाठशाला गड़िया डोबा में 11 बच्चे अध्ययनरत हैं। आंगनबाड़ी के पांच बच्चे भी इसी स्कूल में पढ़ते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि विद्यालय में तैनात एकमात्र शिक्षक वर्तमान में ट्रेनिंग में हैं। स्कूल का संचालन शिक्षा प्रेरक के हाथों में हैं। परंतु शिक्षा प्रेरक का भी तीन माह का बच्चा होने के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। स्कूल में केवल एक घंटा ही पढ़ाई होती है।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से पाठशाला में मानकों के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की मांग की जा रही है परंतु आज तक उनकी इस मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इसके चलते अभिभावकों में नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीण शिव सिंह, जगदीश सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा है कि यदि शिक्षक नियुक्त नहीं किए गए तो उन्हें आमरण अनशन करने को बाध्य होना पड़ेगा।
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