स्वराज भवन के सामने लगी गांधी जी की आदम कद प्रतिमा
नगर के एतिहासिक नुमाइशख्ेात मैदान के समीप स्वराज भवन के सामने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई। नगरपालिका इस स्थल का सौंदर्यीकरण कराएगी।
कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण सेवा ने संस्कृति विभाग की ओर से स्वीकृत पांच लाख रुपए की लागत से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की अष्टधातु की प्रतिमा लगाई है। पालिकाध्यक्ष गीता रावल ने कहा कि आरईएस के पास सुंदरीकरण के लिए बजट की कमी होने पर पालिका अपने संसाधनों से कार्य करा रही है। ईओ ईश्वर सिंह रावत ने बताया कि पूर्व में सीमेंट कंक्रीट से निर्मित मूर्ति को सुरक्षित रखा गया है।
मालूम हो कि देश की गुलामी के दौरान अंग्रेजों ने कुली उतार और बेगार जैसे काले कानून लगाकर कूर्मांचल के लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। आजादी के रणबांकुरों ने वर्ष 1921 में इस कानून को उखाड़ फेंका। कूर्मांचल में मिली इस सफलता से प्रसन्न होकर गांधी जी ने 21 जून 1921 को नुमाइशखेत मैदान में सभा की और क्षेत्र में मिली इस सफलता पर लोगों की सराहना की। गांधी जी ने लोगों को स्वराज आंदोलन को और तेज करने के लिए अनेक मंत्र दिए थे। गांधी जी के यहां आने से नुमाइशखेत मैदान का ऐतिहासिक महत्व हो गया। नगर पालिका की ओर से यहां स्वराज भवन का निर्माण किया गया है। इसी भवन के सामने लगी गांधी जी की आदम कद मूर्ति लोगों को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा दे रही है।