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समीक्षा बैठक में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव दिए
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Sun, 02 Apr 2017 10:55 PM IST
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कार्यशाला में उपस्थित सीईओ एवं अन्य अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में हुुई एक दिवसीय अकादमिक समीक्षा बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी आरसी आर्य ने कहा कि स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने और गुणवत्ता पूर्वक शिक्षा दिए जाने पर जोर दिया। उन्होंने इसके लिए बीआरपी एवं सीआरपी में नियुक्त शिक्षकों को स्कूलों में जाकर अकादमिक अनुसमर्थन प्रदान करने की जरूरत बताई।
इस मौके पर वक्ताओं ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अपने अपने सुझाव दिए। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक आकाश सारस्वत ने स्कूलों में नवाचारी और सृजनात्मक शिक्षण करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने संदर्भ व्यक्तियों से सरकारी शिक्षा प्रणाली का कायाकल्प करने के लिए दिन-रात मेहनत करने का आह्वान किया। डायट के प्राचार्य डॉ. केवलानंद कांडपाल ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के स्तर को ऊंचा उठाने की जरूरत है।
इसके लिए डायट की ओर से संकुल संदर्भ व्यक्ति और ब्लाक संदर्भ व्यक्ति को अकादमिक अनुसमर्थन दिया जाएगा। उन्होंने डायट स्तर पर विभिन्न गतिविधियां संचालित करने की बात कही। बैठक में आरटीई के सख्ती से अनुपालन एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के बढ़ते हस्तक्षेप को कम करने, हर माह कक्षा कक्ष में आने वाली परेशानियों पर चर्चा करने और निदान के प्रयास करने की बात कही गई। इस मौके पर डॉ. विमल किशोर, डॉ.शैलेंद्र धपोला, डॉ.केएस रावत, डॉ.पीएस मावड़ी, आरके जोशी, बीडी पांडे, केपी चंदोला, एपी सिंह, एनएस मौर्य आदि मौजूद थे।
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इस मौके पर वक्ताओं ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अपने अपने सुझाव दिए। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक आकाश सारस्वत ने स्कूलों में नवाचारी और सृजनात्मक शिक्षण करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने संदर्भ व्यक्तियों से सरकारी शिक्षा प्रणाली का कायाकल्प करने के लिए दिन-रात मेहनत करने का आह्वान किया। डायट के प्राचार्य डॉ. केवलानंद कांडपाल ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के स्तर को ऊंचा उठाने की जरूरत है।
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इसके लिए डायट की ओर से संकुल संदर्भ व्यक्ति और ब्लाक संदर्भ व्यक्ति को अकादमिक अनुसमर्थन दिया जाएगा। उन्होंने डायट स्तर पर विभिन्न गतिविधियां संचालित करने की बात कही। बैठक में आरटीई के सख्ती से अनुपालन एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के बढ़ते हस्तक्षेप को कम करने, हर माह कक्षा कक्ष में आने वाली परेशानियों पर चर्चा करने और निदान के प्रयास करने की बात कही गई। इस मौके पर डॉ. विमल किशोर, डॉ.शैलेंद्र धपोला, डॉ.केएस रावत, डॉ.पीएस मावड़ी, आरके जोशी, बीडी पांडे, केपी चंदोला, एपी सिंह, एनएस मौर्य आदि मौजूद थे।
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