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Bageshwar News: समर कैंप में कन्नड़, मराठी और संस्कृत सीखेंगे विद्यार्थी
Sun, 25 May 2025 12:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 25 May 2025 12:12 AM IST
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बागेश्वर। सरकारी विद्यालयों में आगामी 26 मई से होने वाले ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान समर कैंप लगाने की योजना तैयार हो चुकी है। शिक्षा विभाग शिविर लगाने के लिए 50 से अधिक छात्र संख्या वाले सीमित विद्यालयों का चयन करने मेें जुटा है। पहली बार समर कैंप में विद्यार्थियों को अन्य प्रदेशों की भाषा और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की बोली सिखाने की तैयारी की गई है।
कपकोट और कौसानी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों को छोड़कर जिले के अन्य सरकारी विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश रहता है। छुट्टियों के दौरान छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के लिए कई स्कूलों में हर साल समर कैंप लगाए जाते हैं। स्कूल टाइम पर लगने वाले इन शिविरों के माध्यम से विद्यार्थी बागवानी, हस्तशिल्प, गीत, संगीत, कहानी, कविता लेखन समेत तमाम रचनात्मक कार्य और कई खेलकूद विधाएं सीखते हैं। इस साल विद्यालयों में 27 मई से दो जून तक समर कैंप लगाए जाने हैं। शिविर में छात्र-छात्राओं को अंतरराज्यीय भाषा कन्नड़, मराठी के अलावा संस्क़ृत सिखाने की योजना है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बोली जाने वाली गढ़वाली, जौनसारी, रं बोली का ज्ञान भी दिया जाएगा।
कोट
समर कैंप के लिए सीमित विद्यालयों का चयन किया जाएगा। भाषा विशेषज्ञ समर कैंपों में कहीं कन्नड़ तो कहीं मराठी और अन्य भाषा का ज्ञान देंगे। अन्य वर्षों में कराई जाने वाली सभी गतिविधियां भी शिविर में कराई जाएंगी। जहां जूनियर के बच्चे कैंप का हिस्सा होंगे वहां मिड डे मील भी तैयार किया जाएगा। - जीएस सौन, मुख्य शिक्षा अधिकारी
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कपकोट और कौसानी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों को छोड़कर जिले के अन्य सरकारी विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश रहता है। छुट्टियों के दौरान छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के लिए कई स्कूलों में हर साल समर कैंप लगाए जाते हैं। स्कूल टाइम पर लगने वाले इन शिविरों के माध्यम से विद्यार्थी बागवानी, हस्तशिल्प, गीत, संगीत, कहानी, कविता लेखन समेत तमाम रचनात्मक कार्य और कई खेलकूद विधाएं सीखते हैं। इस साल विद्यालयों में 27 मई से दो जून तक समर कैंप लगाए जाने हैं। शिविर में छात्र-छात्राओं को अंतरराज्यीय भाषा कन्नड़, मराठी के अलावा संस्क़ृत सिखाने की योजना है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बोली जाने वाली गढ़वाली, जौनसारी, रं बोली का ज्ञान भी दिया जाएगा।
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समर कैंप के लिए सीमित विद्यालयों का चयन किया जाएगा। भाषा विशेषज्ञ समर कैंपों में कहीं कन्नड़ तो कहीं मराठी और अन्य भाषा का ज्ञान देंगे। अन्य वर्षों में कराई जाने वाली सभी गतिविधियां भी शिविर में कराई जाएंगी। जहां जूनियर के बच्चे कैंप का हिस्सा होंगे वहां मिड डे मील भी तैयार किया जाएगा। - जीएस सौन, मुख्य शिक्षा अधिकारी
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